खुरई | “ज्ञान के साथ कौशल जरूरी, अनुशासन से ही निखरती है प्रतिभा , अविराज सिंह !

Spread the love

खुरई। युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि आज के समय में केवल डिग्री हासिल करना ही शिक्षा नहीं है, बल्कि ज्ञान के साथ कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) भी उतना ही आवश्यक है। आचार्य चाणक्य ने भी ज्ञान के साथ कौशल पर बल दिया है। अविराज सिंह आरएलएम ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन, खुरई द्वारा आयोजित आरएलएम स्कूल के वार्षिक समारोह “सृजन” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए अविराज सिंह ने कहा कि जब भी बच्चे स्कूल से लौटें, तो उन्हें अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का प्रयास करना चाहिए। आज बच्चों को कोचिंग भेजना एक ट्रेंड बन गया है, लेकिन जरूरत से ज्यादा कोचिंग मानसिक दबाव बढ़ाती है। इंसान रोबोट नहीं होता, वह एक सीमा से अधिक जानकारी एक साथ ग्रहण नहीं कर सकता, इसलिए कोचिंग तभी करनी चाहिए जब वास्तव में उसकी आवश्यकता हो।

अनुशासन से ही प्रतिभा का होता है विकास

उन्होंने कहा कि बिना अनुशासन के प्रतिभा किसी काम की नहीं होती। जिस तरह सोने को तपाने और दबाने से उसकी चमक बढ़ती है, उसी तरह अनुशासन व्यक्ति के जीवन में निखार लाता है। विद्यार्थियों से उन्होंने आह्वान किया कि जिस क्षेत्र में उनकी रुचि हो, उसी क्षेत्र को अपना करियर बनाएं, क्योंकि जबरदस्ती चुने गए क्षेत्र में सफलता पाना कठिन होता है।

कठिनाइयों से घबराएं नहीं, निरंतर कर्म करें

अविराज सिंह ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ते समय अनेक कठिनाइयां आती हैं, लेकिन निरंतर मेहनत और धैर्य से अंततः परिस्थितियां अनुकूल हो जाती हैं। यदि तत्काल परिणाम न मिले तो उसे अंत नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि आलोचक और निंदा करने वाले लोग भी व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने में मदद करते हैं। आज के समय में कम बोलना और अधिक सुनना एक बड़ी शक्ति बनकर उभरा है।

सोशल मीडिया और एआई का संतुलित उपयोग जरूरी

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का युग है। आज किसी भी जानकारी के लिए गूगल और एआई की मदद ली जा सकती है, जिससे कई कार्य आसान हो गए हैं, लेकिन सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है। इसलिए इसका सीमित और सकारात्मक उपयोग आवश्यक है।

गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स भी बन रहे करियर

उन्होंने कहा कि आज गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स भी एक उभरता हुआ करियर विकल्प बन चुका है, जहां युवा लाखों-करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। नए-नए करियर विकल्प सामने आ रहे हैं, जिन्हें समझकर सही दिशा में अपनाना जरूरी है। श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का संदेश दिया है—सुख-दुख और जय-पराजय की चिंता किए बिना निरंतर कर्म करते रहना चाहिए

श्रीराम कथा व हनुमान जी प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर जनसंपर्क

कार्यक्रम के पश्चात युवा नेता अविराज सिंह ने खुरई में श्रीराम कथा एवं भगवान श्री हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र वितरित किए। उन्होंने रुद्राक्ष धाम, सागर में आयोजित होने वाली सात दिवसीय श्रीराम कथा एवं नवनिर्मित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर व्यापक जनसंपर्क किया।

उन्होंने जानकारी दी कि 31 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक रुद्राक्ष धाम मंदिर प्रांगण में श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा तथा 1 फरवरी 2026 को नवनिर्मित श्री दक्षिणमुखी हनुमान जी मंदिर में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न होगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।

इसके पश्चात अविराज सिंह ने श्री विश्वकर्मा मंदिर के पास, भूसा मंडी रोड, खुरई में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सहभागिता कर प्रभु चरणों में दर्शन किए और श्रीराम कथा एवं हनुमान जी प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु आमंत्रण पत्र अर्पित किए। उन्होंने बताया कि प्रयागराज से पधारे सुप्रसिद्ध श्रीराम कथा वाचक पं. श्री प्रेमभूषण जी महाराज के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक भगवान श्रीराम की कथा का रसपान श्रद्धालुओं को कराया जाएगा।

उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर आरएलएम ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन की चेयरमैन श्रीमती कमला नायक, डायरेक्टर श्री प्रमोद नायक, बोर्ड डायरेक्टर परख नायक, वैष्णवी नायक, प्रवीण नायक, श्रीमती शशि नायक, पुनीत नायक, लोकेश नायक, संस्था प्राचार्य राहुल गोस्वामी, विवेक पस्तोर, अंकित चौबे, अभय रावत, रविन्द्र राजपूत सहित अनेक गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *