खुरई | फेस्टोपिया-2.0 में भूपेन्द्र सिंह का संदेश—डिग्रियों से नहीं, स्किल से बनेगा भविष्य !

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खुरई। स्किल्ड होने से रोजगार और प्रगति सुनिश्चित होती है, केवल डिग्रियों से नहीं। सादा जीवन जीने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अधिक स्वतंत्र और तनावमुक्त होता है। यह विचार पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने आरएलएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा आयोजित फेस्टोपिया-2.0 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की प्रतिभा और संस्थान के शैक्षणिक मापदंडों का पता चलता है। उन्होंने कहा कि खुरई का यह महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है।

पूर्व गृहमंत्री ने वर्ष 2025 के समापन और 2026 के आगमन का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से आत्ममंथन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष में मिली उपलब्धियों, खुशियों, सीख और अनुभवों का आकलन करें। यह समझें कि किस चीज़ ने ऊर्जा दी और किसने उसे खत्म किया, क्योंकि एक ही परिस्थिति से गुजरने वाले दो लोगों के अनुभव अलग हो सकते हैं।

डिग्री से आगे स्किल का महत्व

श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि विद्या ही व्यक्ति को पूजनीय बनाती है, इसलिए समय रहते शिक्षा और कौशल का मूल्य समझना चाहिए। आज की शिक्षा केवल डिग्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्किल डेवलपमेंट से ही रोजगार और तरक्की सुनिश्चित होती है।

उन्होंने बताया कि कभी अमेरिका और ब्रिटेन एमबीए के बड़े केंद्र माने जाते थे, लेकिन आज भारत एमबीए का नया हब बन चुका है। भारत में एमबीए में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में भारत की 54 संस्थाओं का शामिल होना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। कई विदेशी विश्वविद्यालयों ने गुजरात में अपने कैंपस खोले हैं, वहीं भारत के आईआईटी मद्रास ने तंजानिया और आईआईटी दिल्ली ने यूएई में अपने कैंपस स्थापित किए हैं। दुनिया आज भारत की ओर देख रही है, क्योंकि भारत सबसे युवा देशों में से एक है।

डिजिटल इंडिया और करियर के नए अवसर

उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का डिजिटल हब बन चुका है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डाटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में करियर की अपार संभावनाएं हैं। कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल मार्केटिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग में युवाओं ने नई क्रांति ला दी है।

ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मेसी, मेडिकल रिसर्च, बायोटेक्नोलॉजी, वेलनेस और फिटनेस सेक्टर में भी उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी फार्मेसी है, जहां से दवाइयां पूरी दुनिया में जाती हैं।

खेलों को लेकर उन्होंने कहा कि अब खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक पेशेवर करियर बन चुका है। बुंदेलखंड की छतरपुर की बेटी क्रांति गौंड द्वारा महिला वर्ल्ड कप में भारत को विजय दिलाना इसका उदाहरण है।

कानून, फैशन और टेक्सटाइल में भी बढ़ता स्कोप

पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि वकालत का क्षेत्र अब अदालतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कॉर्पोरेट, साइबर लॉ, आईटी लॉ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून में विशेषज्ञों की भारी मांग है। टेक्सटाइल और फैशन सेक्टर में भी सस्टेनेबल फैशन, एसेसरीज डिजाइनिंग और फैशन कम्युनिकेशन में नए अवसर खुल रहे हैं, जहां युवा अपनी क्रिएटिविटी से खुद का ब्रांड स्थापित कर रहे हैं।

अन्य गतिविधियां

कार्यक्रम के दौरान श्री भूपेन्द्र सिंह ने कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास पहुंचकर स्वागत समारोहों में एकत्रित कंबल व स्टेशनरी सामग्री छात्राओं को वितरित की। साथ ही मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर हेलीपैड और सभा स्थल का निरीक्षण भी किया।

कार्यक्रम को संस्था की चेयरपर्सन श्रीमती कमला नायक, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर परख नायक ने संबोधित किया। संचालन डॉ. प्रमोद नायक ने किया और आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।

इस अवसर पर एसडीएम मनोज चौरसिया, सीएमओ राजेश मेहतेल, भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल चौधरी, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्षद, गणमान्य नागरिक, हजारों विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।

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