खेत में सिंचाई के दौरान करंट लगने से 60 वर्षीय महिला की मौत !

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छतरपुर जिले के मातगुवां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मातगुवां में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत पर सिंचाई करते समय करंट लगने से 60 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतका की पहचान कालिया बाई अहिरवार (60) पत्नी मोतीलाल अहिरवार, निवासी ग्राम मातगुवां के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, कालिया बाई शुक्रवार दोपहर खेत पर फसल की सिंचाई करने के लिए गई थीं। परिवार के अन्य सदस्य किसी काम से घर पर ही थे। खेत पर लगे विद्युत मोटर पंप से सिंचाई की जा रही थी।

बताया जा रहा है कि जब कालिया बाई पानी का पंप चालू कर रही थीं, उसी दौरान वहां मौजूद एक खुला विद्युत तार उनकी साड़ी में उलझ गया। तार के संपर्क में आते ही उनके पैर में तेज करंट दौड़ गया। अचानक करंट लगने से वह घबराकर गिर पड़ीं और कुछ ही क्षणों में बेहोश हो गईं।

घटना के समय खेत पर कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें तत्काल सहायता नहीं मिल सकी। कुछ देर बाद जब परिजनों को जानकारी मिली तो वे घबराकर मौके पर पहुंचे। परिजनों ने देखा कि कालिया बाई अचेत अवस्था में जमीन पर पड़ी थीं। उन्हें तुरंत निजी वाहन से स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र, मातगुवां ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में सिंचाई के लिए अस्थायी विद्युत कनेक्शन और खुले तारों का उपयोग किया जाता है, जिससे इस प्रकार के हादसों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने और खुले तारों की जांच कराने की मांग की है।

घटना के बाद परिजन देर शाम करीब 6 बजे महिला के शव को जिला अस्पताल छतरपुर लेकर पहुंचे। शव को जिला अस्पताल के पीएम हाउस में रखवाया गया है। सूर्यास्त हो जाने के कारण शुक्रवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह मामला विद्युत करंट लगने से हुई दुर्घटनात्मक मौत का प्रतीत हो रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खेत में विद्युत व्यवस्था किस प्रकार की थी और कहीं कोई तकनीकी लापरवाही तो नहीं हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी के दौरान विद्युत उपकरणों के उपयोग में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जाती, जिससे आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। वहीं, कालिया बाई की असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक का माहौल है और अंतिम संस्कार की तैयारियां पोस्टमार्टम के बाद की जाएंगी।

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