इंदौर के गंगवाल बस स्टैंड पर गुरुवार दोपहर 3:25 बजे एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। चौराहा पार कर रहे 85 वर्षीय बुजुर्ग हरलाल प्रजापति को एक स्कूल बस ने टक्कर मार दी। हादसे में उनका पैर बस के पिछले पहिए के नीचे आ गया, जिससे वह बुरी तरह कुचल गया। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत उन्हें सड़क से हटाकर मदद की, लेकिन वहीं मौजूद एएसआई और महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे।
■ कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग अपनी लेन में सामान्य रूप से चौराहा पार कर रहे थे। इसी दौरान धार रोड से शिवानी होटल की ओर जा रही ओमनी स्कूल बस (एमपी 09 एफए 9426) भीड़भाड़ के बीच से निकली और पिछले हिस्से से बुजुर्ग को टक्कर मार दी। गिरते ही बस का पिछला पहिया उनके पैर पर चढ़ गया।
राहगीरों ने तुरंत बस रोकवाई और घायल बुजुर्ग को सड़क किनारे बैठाया। दर्द के कारण उनकी हालत बेहद खराब थी। कुछ देर बाद उनका नाती भी मौके पर पहुंच गया।

■ ड्राइवर को जाने दिया, क्लीनर को पकड़ा
हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्कूली बच्चों की परेशानी को देखते हुए लोगों ने बस ड्राइवर को बस लेकर जाने दिया, लेकिन क्लीनर को रोक लिया। लोगों ने बस और आरोपियों के फोटो भी ले लिए।
छत्रीपुरा पुलिस ने रात में मामले की रिपोर्ट दर्ज की और बस स्टाफ के खिलाफ प्रकरण कायम किया।
■ हादसों वाला ब्लैक स्पॉट बना गंगवाल चौराहा
स्थानीय निवासी रघु यादव ने बताया कि गंगवाल बस स्टैंड अब हादसों का हॉटस्पॉट बन गया है।
- बसें मनमाने ढंग से चौराहे पर खड़ी रहती हैं
- आधा-आधा घंटा जाम लगा रहता है
- 3–4 ट्रैफिक पुलिसकर्मी होने के बावजूद बसों को हटाने की कार्रवाई नहीं होती
यही लापरवाही बड़े हादसों को जन्म दे रही है।

■ 108 कॉल सेंटर की लापरवाही
घायल को अस्पताल पहुंचाने में 108 इमरजेंसी सेवा भी मददगार साबित नहीं हुई। एक युवक द्वारा किए गए कॉल पर ऑपरेटर बार-बार जानकारी मांगता रहा। बाद में कॉल को इंदौर कंट्रोल रूम में ट्रांसफर किया गया, जहां बताया गया कि उनकी एम्बुलेंस लसूड़िया इलाके में है और आने में समय लगेगा। ऑपरेटर पास की किसी और एम्बुलेंस की लोकेशन भी नहीं बता पाया और न ही बाद में फॉलोअप किया।
■ अस्पताल में जारी है इलाज
हरलाल प्रजापति के पैर में गंभीर चोटें हैं और उनका अस्पताल में उपचार जारी है। परिजन और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस-प्रशासन की लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताया है।