छतरपुर।
छतरपुर जिला मुख्यालय से सटे गौरगांय गांव में केंद्र और राज्य सरकार की जल जीवन मिशन योजना ग्रामीणों के लिए राहत की बजाय परेशानी बन गई है। योजना का उद्देश्य हर घर तक नल से पानी पहुंचाना है, लेकिन एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक ग्रामीणों को नल का पानी एक बूंद भी नहीं मिला।
टंकी निर्माण अधूरा
गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्य पिछले वर्ष शुरू हुआ था, लेकिन बार-बार रुकने के कारण यह अब तक पूरा नहीं हो सका। वर्तमान में केवल करीब 20 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जबकि शेष निर्माण अधर में लटका है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की सुस्ती के चलते योजना की गति बेहद धीमी है।
टूटी सड़कों ने बढ़ाई मुश्किल
पाइपलाइन बिछाने के लिए गांव की मुख्य और आंतरिक सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी मरम्मत नहीं हुई। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही हैं। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाता है और धूप में धूल उड़ती है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है।
एक किलोमीटर दूर से पानी भरने की मजबूरी

ग्रामीणों को अब भी पानी एक किलोमीटर दूर से भरकर लाना पड़ता है। गांव के हैंडपंप भी सूखने की कगार पर हैं, जिससे घंटों लाइन में लगकर पानी भरना पड़ता है। जिन घरों में पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां कनेक्शन तो दे दिए गए हैं, लेकिन आज तक पानी नहीं आया, जिससे योजना जमीनी हकीकत में महज दिखावा साबित हो रही है।
बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को सुबह स्कूल जाने से पहले और शाम को लौटने के बाद पानी भरने जाना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और परिवार का समय भी बर्बाद हो रहा है।
ग्रामीणों की चेतावनी
गांववासियों ने प्रशासन से जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को पूरा करने, पाइपलाइन और टंकी निर्माण जल्द पूरा करने और सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा जाएगा।