राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे मद्य निषेध सप्ताह अभियान के अंतर्गत ग्राम पथरिया जाट में जन जागरण एजुकेशन एंड हेल्थ वेलफेयर सोसायटी द्वारा दिशा केंद्र में नशामुक्ति जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में मद्यपान, मादक पदार्थों एवं नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. सत्यम चंदेल ने बताया कि दिशा केंद्र में मानसिक एवं शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

मुख्य अतिथि सामाजिक न्याय विभाग म.प्र. शासन के संयुक्त संचालक डॉ. डी.एस. यादव ने मद्य निषेध सप्ताह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा आज समाज की सबसे बड़ी बुराई बन चुका है, जिससे बच्चे, युवा, महिलाएं और पुरुष सभी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज की स्थापना तभी संभव है जब शासन के साथ नागरिक समाज भी मिलकर जनजागरूकता के प्रयास करे।

किशोर न्याय बोर्ड सदस्य चंद्रप्रकाश शुक्ला ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने से बाल अपराधों में वृद्धि हो रही है, इसे रोकने के लिए परिवारों को बच्चों को संस्कारित करना और नशे से दूर रखना जरूरी है। समाजसेवी डॉ. आलोक खरे एवं सुरखी के पूर्व सरपंच ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए नशा मुक्त भारत के निर्माण का आह्वान किया।
समाजसेवी गौरव सिंह राजपूत ने नशामुक्ति गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और अपने परिवार, ग्राम एवं नगर को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम का संचालन आशीष विश्वकर्मा ने किया। समापन पर संस्था द्वारा लोककला में योगदान देने वाले शशिकांत चौरसिया, तथा नशामुक्त भारत अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले समाजसेवी चंद्रप्रकाश शुक्ला, आशीष विश्वकर्मा, डॉ. आलोक खरे एवं गौरव सिंह राजपूत को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. सत्यम सिंह चंदेल, सोनू पवार, संस्था के वॉलेंटियर्स सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।