ग्वालियर पुलिस ने हत्या के प्रयास का आरोपी राजवीर वाल्मीकि को उसके गांव चंदारा, गोहद से गिरफ्तार किया। आरोपी आठ महीने से फरार था और उस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। राजवीर वाल्मीकि पर लूट, हत्या के प्रयास, बलात्कार, मवेशी चोरी समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं।
बेहट थाना पुलिस को पिनपॉइंट सूचना मिली कि आरोपी अपने घर में मौजूद है। तुरंत टीम रवाना की गई और जैसे ही आरोपी को भनक लगी, उससे पहले उसे पकड़ लिया गया। आरोपी को पुलिस थाने लाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, जुलाई 2025 में बेहट थाना क्षेत्र में सत्यभान सिंह गुर्जर को राजवीर वाल्मीकि और उसके साथियों ने गोली मारी थी। हमले में सत्यभान गंभीर रूप से घायल हुआ था, लेकिन उसकी जान बच गई थी। इसके खिलाफ बेहट थाना में जान से मारने के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। तब से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।
पुलिस ने आरोपी के पिछले रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि उसने गिजोर्रा में 2, पिछोर में 1, महाराजपुरा में 3, मुरार में 1, बेहट में 1 और गोहद में 3 मामले दर्ज हैं। इसमें पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट, डकैती, चोरी, हत्या के प्रयास और मारपीट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने पुष्टि की कि आरोपी एक शातिर अपराधी है और विभिन्न थानों में दर्ज मामलों के सिलसिले में उसे गिरफ्तार किया गया है। बेहट थाना प्रभारी महावीर सिंह परिहार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज सभी मामले गंभीर हैं और वह लंबे समय से फरार था। पुलिस अब घटना और उसके अन्य अपराधों की गहन जांच कर रही है।
राजवीर वाल्मीकि की गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों में राहत की लहर है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति मजबूत होगी और संगीन अपराधों पर अंकुश लगेगा। वहीं, आरोपी से पूछताछ के बाद उसके अन्य अपराधों के बारे में भी विस्तृत जानकारी मिलने की संभावना है।
इस गिरफ्तारी में पुलिस की सूझबूझ और सही सूचना की अहमियत साफ दिखी, जिसने आठ महीने से फरार अपराधी को पकड़ने में मदद की। ग्वालियर पुलिस ने यह संदेश भी दिया कि चाहे आरोपी कितने भी समय तक छुपा रहे, कानून उसे कभी नहीं छोड़ता।