ग्वालियर में शादी के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक को झूठे रिश्ते के जरिए न केवल शादी कराई गई, बल्कि उसे लाखों रुपये की आर्थिक चपत लगाने की कोशिश भी की गई। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने लड़की का ‘भाई बनकर’ कन्यादान किया, वही उसका असली पति निकला।
झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके की यह घटना अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर दुल्हन समेत 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल?
पीड़ित रतन शर्मा, जो जबलपुर के एक निजी अस्पताल में टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं, अपने परिवार के साथ लंबे समय से शादी के लिए रिश्ता तलाश रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी सोनू तिवारी ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए एक फर्जी रिश्ता तैयार किया।

उसने रतन के परिवार को बताया कि मुरैना की एक गरीब लड़की के लिए अच्छा रिश्ता चाहिए। इसके बाद दीक्षा मुद्गल (राधा नाम से भी पहचान) नाम की युवती की तस्वीर दिखाई गई, जिसे देखकर परिवार ने रिश्ता तय कर लिया।
गोद भराई से लेकर शादी तक पूरी प्लानिंग
27 अप्रैल 2026 को गोद भराई की रस्म आयोजित की गई, जिसमें आरोपी खुद को लड़की का भाई बताकर शामिल हुआ। इसके बाद 7 मई 2026 को पाटनकर चौराहा स्थित होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई।
इस शादी में करीब 7 लाख रुपये खर्च हुए और पूरी रस्में फर्जी परिवार के लोगों ने निभाईं, जिन्होंने खुद को लड़की के रिश्तेदार बताया।
सबसे बड़ा खुलासा: असली पति ही बना ‘भाई’
शादी के बाद दुल्हन के व्यवहार पर शक हुआ। वह लगातार मोबाइल फोन पर किसी से चैट करती रहती थी। जब पीड़ित ने उसका मोबाइल चेक किया तो पूरा सच सामने आ गया।

जिस व्यक्ति ने शादी में भाई बनकर कन्यादान किया था, वही सोनू उर्फ अजय चौहान उसका असली पति निकला। जांच में पता चला कि दोनों ने पहले ही 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी और मिलकर इस ठगी की योजना बनाई थी।
फर्जी परिवार और रस्मों का खेल
इस पूरे फर्जीवाड़े में एक पूरा गिरोह शामिल था। लड़की की ‘मां’ बनी महिला ने कन्यादान किया, जबकि अन्य लोग रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल हुए। सभी ने मिलकर एक वास्तविक शादी जैसा माहौल तैयार किया, ताकि किसी को शक न हो।
जेवर और नकदी लूटने की थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का उद्देश्य शादी के बाद जेवर और नकदी लेकर फरार होना था। लेकिन समय रहते मामला खुल गया और पीड़ित परिवार ने दुल्हन को पकड़कर थाने पहुंचा दिया।
पुलिस की कार्रवाई
झांसी रोड थाना पुलिस ने इस मामले में दुल्हन दीक्षा मुद्गल, उसके असली पति सोनू उर्फ अजय चौहान सहित कुल 7 लोगों पर मामला दर्ज किया है।

पुलिस का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि यह गिरोह पहले भी इसी तरह कई लोगों को झूठी शादी के जाल में फंसाकर ठगी कर चुका है। अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
जांच में आगे और खुलासों की उम्मीद
पुलिस को शक है कि यह कोई छोटा मामला नहीं बल्कि एक संगठित ठगी गिरोह है, जो अलग-अलग जिलों में इसी तरह फर्जी शादी कर लोगों को निशाना बनाता रहा है। सभी आरोपियों की तलाश जारी है।
ग्वालियर की यह घटना दिखाती है कि शादी जैसे सामाजिक रिश्ते को भी अपराधी किस तरह ठगी का जरिया बना रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क के खुलने की उम्मीद है।