सागर।
शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले और कलेक्टर निवास के ठीक सामने स्थित हाई-प्रोफाइल इलाके में बने बंगले में हुई सनसनीखेज चोरी की वारदात का कैंट थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि जिस महिला पर घर की साफ-सफाई और देखरेख की जिम्मेदारी थी, वही इस चोरी की मास्टरमाइंड निकली। मालकिन के शहर से बाहर जाते ही नौकरानी ने अपने प्रेमी और उसके साथियों को बुलाकर पूरी साजिश को अंजाम दिया।
पुलिस ने इस मामले में नौकरानी, उसके प्रेमी समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी नाबालिग है, जो उसी बंगले में काम करता था। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने करीब 6 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।

खंडहर में कर रहे थे चोरी के माल का बंटवारा
कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जोगर्स पार्क के पास स्थित एक खंडहर में तीन युवक और एक युवती संदिग्ध हालत में बैठे हैं और कीमती सामान का बंटवारा कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी और चारों को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रवींद्र अहिरवार (22), विक्रम अहिरवार (20), अंजली वाल्मीकि (25) और एक नाबालिग के रूप में हुई। सख्ती से पूछताछ करने पर सभी ने बंगला नंबर-17 में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
शादी की चाह में रची गई साजिश
पुलिस जांच में चोरी के पीछे एक लव एंगल भी सामने आया है। आरोपी अंजली वाल्मीकि तलाकशुदा है और वह मुख्य आरोपी रवींद्र अहिरवार से शादी करना चाहती थी। शादी के लिए पैसों की जरूरत को पूरा करने के इरादे से अंजली ने यह पूरी साजिश रची।

अंजली और नाबालिग दोनों पीड़ित परिवार के बंगले में काम करते थे, इसलिए उन्हें घर के हर कोने, सुरक्षा व्यवस्था और कीमती सामान की पूरी जानकारी थी। उन्हें यह भी पता था कि बंगले की मालकिन अंजू जुनैजा (62) अपनी बेटी से मिलने 25 नवंबर को जबलपुर गई हुई हैं।
पीछे की खिड़की तोड़कर की चोरी
मौका पाकर अंजली ने अपने प्रेमी रवींद्र को फोन कर बुलाया। रवींद्र अपने दोस्त विक्रम के साथ मौके पर पहुंचा। इसके बाद तीनों ने बंगले की पीछे की खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया और अलमारी का लॉक तोड़कर मंगलसूत्र, सोने की चेन, अंगूठियां, नथ सहित चांदी के बर्तन और नकदी चोरी कर ली।
दामाद की सूचना से खुला मामला
फरियादी अंजू जुनैजा ने पुलिस को बताया कि जब वे जबलपुर में थीं, तब अगले दिन उनके दामाद ने फोन कर बताया कि घर की पिछली खिड़की टूटी हुई है। सूचना मिलते ही वे सागर लौटीं, जहां उन्होंने देखा कि अलमारी का लॉक टूटा हुआ है और जेवरात व चांदी के बर्तन गायब हैं। इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
जेवर और औजार बरामद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से चोरी गए सभी जेवरात, साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का सरिया और प्लास भी जब्त कर लिया है। तीन बालिग आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग आरोपी को सुधार गृह भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन और निगरानी की जरूरत को भी उजागर करता है। हाई-सिक्योरिटी इलाके में हुई इस चोरी के खुलासे से पुलिस ने राहत की सांस ली है और आरोपियों को सजा दिलाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।