जबलपुर के बरगी नगर में रविवार सुबह एक दुखद हादसा हुआ जब बरगी डेम स्थित सिंचाई विभाग के पुराने कार्यालय भवन की दीवार गिर गई। इस घटना में दीवार के मलबे में दबकर मजदूर धनीराम झारिया की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसा उस समय हुआ जब पुराने कार्यालय भवन को तोड़ने का काम चल रहा था।
हादसे का क्रम और मौके पर हालात:
स्थानीय जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग के पुराने कार्यालय की दीवार ढहने के दौरान नीचे काम कर रहे मजदूर धनीराम झारिया अचानक मलबे में दब गए। आसपास मौजूद लोग उन्हें बाहर निकालने का प्रयास करते रहे, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
ट्रैक्टर चालक छोटेलाल झारिया ने बताया कि वे रोज की तरह सुबह ट्रैक्टर लेकर धनीराम के साथ काम पर पहुंचे थे। दीवार ढहते ही मलबा उन पर गिर गया। पुराने कार्यालय की दीवार को तोड़कर ईंट निकालने का काम चल रहा था।
मौके पर पहुंचे बरगी नगर चौकी प्रभारी सरिता पटेल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटना की जानकारी ली और पंचनामा तैयार कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

हादसे के कारण और सुरक्षा पहल:
- प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा पुरानी और कमजोर दीवार के ढहने के कारण हुआ।
- घटना स्थल पर कोई विशेष सुरक्षा उपाय नहीं थे, जिससे मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
- स्थानीय लोग और सहकर्मी घटनास्थल पर जुटे और मलबे को हटाकर मदद करने का प्रयास किया।
मजदूर की जानकारी:
धनीराम झारिया, जो स्थानीय निवासी थे, दीवार तोड़ने और ईंट निकालने के काम में लगे हुए थे। उनका काम पुरानी ईंटों और मलबे को हटाने का था। यह हादसा उनके परिवार और आसपास के लोगों के लिए गहरा सदमा है।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया:
- बरगी नगर चौकी प्रभारी सरिता पटेल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कराया।
- शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मृतक के कारणों की पुष्टि की जाएगी।
- पुलिस ने निर्माण कार्य की प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच शुरू कर दी है।
- विभागीय अधिकारियों को भी हादसे की जानकारी दी गई है और दोषियों की पहचान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का अनुमान:
निर्माण और डेम प्रोजेक्ट विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने भवनों की दीवारों में संरचनात्मक कमजोरी होती है। बिना उचित सुरक्षा उपायों के काम करने पर मजदूरों के लिए खतरा रहता है। इस तरह के काम के लिए सुरक्षा हेलमेट, मलबा गिरने से बचाव के उपाय और प्रशिक्षित कर्मियों की मौजूदगी जरूरी होती है।
सामाजिक और स्थानीय असर:
- यह घटना स्थानीय लोगों के लिए बड़ा सदमा लेकर आई है।
- मजदूरों और उनके परिवार के लिए यह आर्थिक और भावनात्मक नुकसान है।
- आसपास के मजदूरों और विभागीय कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ गई है।
- स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा नियम लागू किए जाएंगे।
बरगी डेम स्थित सिंचाई विभाग के पुराने कार्यालय भवन की दीवार गिरने से मजदूर धनीराम झारिया की मौत एक गंभीर और दुखद घटना है। प्रशासन और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हादसे की जांच जारी है और विभागीय स्तर पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की तैयारी की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि पुराने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों का पालन न करना जानलेवा साबित हो सकता है। मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग और स्थानीय प्रशासन को तुरंत कड़े कदम उठाने होंगे।