मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत पर बागेश्वर महाराज का विरोध !

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मथुरा में फरसा वाले बाबा उर्फ साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की ट्रक से कुचलकर हुई मौत ने धार्मिक और सामाजिक माहौल को भड़का दिया है। इस घटना पर बागेश्वर महाराज ने शनिवार शाम भक्तों को दर्शन देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि बाबा गोतस्करी रोकने के लिए समर्पित रूप से लड़ते थे। महाराज ने सरकार से अपील की कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं, और इस तरह के षड्यंत्र हिंदुत्व और सनातन धर्म के लिए बोलने वाले लोगों को डराते हैं।

बागेश्वर महाराज ने कहा कि सनातन और हिंदुत्व के लिए बोलना अब खतरनाक हो गया है। यदि लोग हिंदू और सनातन धर्म के लिए बोलते हैं तो उन्हें मार दिया जाता है। महाराज ने समाज से अपील की कि जो लोग स्वयं हिंदुत्व और सनातन के लिए नहीं लड़ सकते, कम से कम उनका समर्थन जरूर करें।

फरसा वाले बाबा की मौत के पीछे दो थ्योरी सामने आईं:

  1. साथियों की थ्योरी – गोतस्करों का पीछा करते हुए ट्रक से कुचला गया:
    बरसाना के आजनौंख गांव में गोशाला चलाने वाले फरसा वाले बाबा को सूचना मिली कि नेशनल हाईवे पर एक ट्रक में गोवंश तस्करी हो रही है। बाबा अपने दो शिष्यों के साथ बाइक से ट्रक को रोकने गए। ट्रक चालक ने रफ्तार बढ़ा दी, बाबा शिष्यों को किनारे कर खुद ट्रक के नीचे आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद साथी शव लेकर आजनौंख पहुंचे और हाईवे जाम किया गया। बाबा गोतस्करी के खिलाफ आवाज उठाते थे और उन्हें ‘गोरक्षक’ कहा जाता था।
  2. पुलिस की थ्योरी – सड़क हादसा और अफवाह:
    पुलिस ने कहा कि सुबह 4 बजे हरियाणा सीमा थाना क्षेत्र कोसी पर वाहन में गोवंश होने की सूचना मिली। फरसा वाले बाबा अपने शिष्यों के साथ कंटेनर को रोककर चेक कर रहे थे। कंटेनर में वास्तव में साबुन, फिनाइल और शैंपू भरा था। घने कोहरे के कारण राजस्थान नंबर के तेल से भरे ट्रक ने कंटेनर को पीछे से टक्कर मार दी। बाबा मौके पर ही मारे गए और ट्रक चालक भी घायल हुआ, इलाज के दौरान उसकी भी मौत हुई। हादसे के बाद अफवाहों के कारण लोग हाईवे पर जाम और पथराव करने लगे।

घटना के बाद की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक पहल:

बाबा की मौत के बाद लोगों का गुस्सा भड़का। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव हाईवे पर रखकर जाम कर दिया। पुलिस ने तुरंत स्थिति नियंत्रण में की और लोगों को समझाया। प्रशासन ने कहा कि घटना की हर पहलू से जांच की जाएगी और आरोपियों की भी जांच होगी।

बागेश्वर महाराज की चिंता:

महाराज ने कहा कि यह घटना हिंदुत्व और सनातन धर्म के लिए बोलने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसे लोगों का समर्थन किया जाए। महाराज ने यह भी कहा कि वे स्वयं और उनके परिवार लगातार धमकियों का सामना कर रहे हैं।

फरसा वाले बाबा की भूमिका:

  • गोशाला चलाने वाले बाबा ने गोतस्करी रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।
  • उन्हें ‘गोरक्षक’ के रूप में जाना जाता था।
  • ट्रक के नीचे आने से उनकी मौत हुई, जिससे धार्मिक और सामाजिक आक्रोश फैल गया।

घटना का सामाजिक और धार्मिक असर:

  • मथुरा में हिंदुत्व और सनातन धर्म के लिए आवाज उठाने वालों के लिए यह संदेश भय पैदा करता है।
  • फरसा वाले बाबा की मौत ने स्थानीय और सामाजिक समुदाय में तनाव और विरोध पैदा किया।
  • प्रशासन ने हालात पर नजर रखी और हाईवे जाम तथा पथराव की घटनाओं को नियंत्रित किया।


मथुरा में फरसा वाले बाबा की ट्रक हादसे में मौत ने धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भड़काया। बागेश्वर महाराज ने दोषियों को फांसी देने की मांग की और हिंदुत्व व सनातन धर्म के लिए बोलने वालों की सुरक्षा पर चिंता जताई। घटना के बाद अफवाहों और हाईवे जाम की वजह से माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने नियंत्रण बनाए रखा। घटना की जांच दोनों पहलुओं—साथियों और पुलिस की थ्योरी—के आधार पर जारी है।

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