छतरपुर जिले के महाराजपुर में रामनवमी और नवदुर्गा पर्व के दौरान मंदिर के पास मीट-मुर्गा की दुकान खोलने को लेकर स्थानीय लोगों और दुकानदार के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। मामले में स्थानीय लोगों ने धार्मिक भावना के हवाले से कड़ा विरोध जताया और दुकान के अंदर जाकर संचालक को समझाइश दी।

स्थानीय लोगों का आरोप था कि धार्मिक पर्व के दौरान महज 9 दिनों तक दुकान बंद रखने का अनुरोध किया गया था, लेकिन दुकानदार ने इसे नजरअंदाज किया और लगातार मांस की बिक्री जारी रखी। विरोध के दौरान कुछ समय के लिए तनाव का माहौल भी बना, लेकिन किसी तरह की हिंसा या बड़ा विवाद नहीं हुआ।
घटना की जानकारी मिलते ही महाराजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दुकानदार को समझाइश देकर दुकान बंद करवा दी। फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है।

महाराजपुर थाना प्रभारी डीके सिंह ने बताया कि वीडियो और शिकायत मिलने के बाद पुलिस तुरंत कार्रवाई में जुट गई। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्वों के दौरान नियम प्रशासनिक स्तर पर तय होते हैं और इस संबंध में विस्तृत जानकारी एसडीएम और तहसीलदार से ली जा सकती है।
प्रभारी कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने दुकानें बंद कराने का कोई आदेश नहीं दिया था। यह स्थानीय स्तर पर लोगों की सहमति और आपसी समझ पर निर्भर था। प्रशासन का फोकस शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।
इस घटना ने यह साफ किया कि धार्मिक त्योहारों के दौरान स्थानीय भावनाओं का सम्मान करना और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना आवश्यक है। प्रशासन ने फिलहाल पूरे मामले पर नजर रखी है और कोई नया विवाद उत्पन्न न होने देने की पूरी तैयारी की है।