इंडियन कॉफी हाउस ने कोयले और इंडक्शन कुकर से चलाया रसोई संचालन
जबलपुर में पिछले एक सप्ताह से रसोई गैस की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय को प्रभावित किया है। इस संकट के चलते इंडियन कॉफी हाउस ने अपनी संचालन प्रणाली में बदलाव किया और अब रसोई में खाना कोयले की भट्ठियों और इंडक्शन कुकर पर बनाया जा रहा है।
कॉफी हाउस के जनरल मैनेजर राजगोपालचार्य के अनुसार, गैस सिलेंडर समय पर न मिलने के कारण यह वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई गई। उन्होंने बताया कि कोयले की भट्ठियों से धुआं निकलता है और इंडक्शन पर खाना बनाने में अधिक समय लगता है, लेकिन ग्राहकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसलिए यह व्यवस्था जारी रखी गई है।

देशभर में इंडियन कॉफी हाउस के लगभग 190 शाखाएं और 11 लॉज संचालित हैं, जबकि जबलपुर में 14 शाखाएं हैं। यहां भी वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल से संचालन हो रहा है।
गैस संकट के बावजूद मेन्यू में कोई कटौती नहीं की गई है और सभी व्यंजन ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। हालांकि, कोयले की कीमतों में वृद्धि के कारण संचालन लागत बढ़ी है। प्रबंधन ने कहा कि पुराने कर्मचारियों को कोयले के चूल्हों पर काम करने का अनुभव है, जिससे रसोई सुचारु रूप से चल रही है।
यह हाइब्रिड व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हो जाती।