जसराज गांव में गहराया जलसंकट कुप्पे और मटके लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे ग्रामीण, बोले- पीने तक का पानी नहीं !

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सागर। भीषण गर्मी के बीच सागर जिले के ग्राम जसराज में जलसंकट लगातार गहराता जा रहा है। गांव के लोग पानी की गंभीर समस्या से परेशान होकर बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ग्रामीण करीब 15 किलोमीटर दूर से हाथों में कुप्पे और मटके लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और पेयजल व्यवस्था बहाल कराने की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने गांव की गंभीर स्थिति को रखा और जल्द राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकांश कुएं, हैंडपंप और अन्य जलस्त्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी कई किलोमीटर दूर खेतों और निजी कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। गांव की महिलाएं सुबह से पानी की तलाश में निकल जाती हैं और घंटों इंतजार के बाद थोड़ी मात्रा में पानी जुटा पाती हैं। पानी की कमी के कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हो रही है। कई परिवारों को दिनभर के उपयोग के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। लोग पीने, खाना बनाने और घरेलू कार्यों के लिए पानी बचाकर उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ संकट और गंभीर होता जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मवेशियों की स्थिति भी बेहद खराब है। पानी नहीं मिलने के कारण पशु इधर-उधर भटक रहे हैं। कई स्थानों पर तालाब और छोटे जलस्रोत भी सूख चुके हैं। पशुपालकों का कहना है कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो पशुओं की जान पर भी खतरा पैदा हो सकता है।

कलेक्टोरेट पहुंचे ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि गांव में लंबे समय से जलसंकट बना हुआ है, लेकिन पंचायत स्तर पर कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार समस्या की जानकारी देने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। भीषण गर्मी में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर राहत नहीं मिल पा रही है।

ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि गांव में पानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ रहा है। कई बार देर रात या सुबह जल्दी पानी भरने जाना पड़ता है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में तत्काल टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने स्थायी समाधान के लिए नई पेयजल योजना, बोरवेल और जल संरक्षण के उपाय किए जाने की भी मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में गांव में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने से समस्या लगातार बनी रहती है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो गांव में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि मजबूर होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि अधिकारियों की टीम गांव में पहुंचकर हालात का जायजा ले और तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं।

कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्या सुनी और जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि गांव में पानी की व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने संबंधित विभाग को स्थिति का आकलन करने और जल्द समाधान निकालने के निर्देश देने की बात कही है।

गौरतलब है कि भीषण गर्मी के चलते जिले के कई ग्रामीण इलाकों में जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कई गांवों में हैंडपंप और कुएं सूखने लगे हैं, जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जसराज गांव की स्थिति भी इसी संकट का हिस्सा बन गई है, जहां ग्रामीण अब पानी के लिए प्रशासन से गुहार लगाने को मजबूर हैं।

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