मध्य प्रदेश के सागर शहर में कथित गोमांस बरामदगी के मामले ने सनसनी फैला दी है। कैंट थाना पुलिस ने गुरुगोविंद सिंह वार्ड स्थित एक घर पर दबिश देकर एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से गोमांस से भरे थैले, गाय की चमड़ी, दो पैर खुर सहित, मांस काटने में इस्तेमाल होने वाला लोहे का बका और तौलने के लिए तराजू-बांट जब्त किए हैं। मामले में पुलिस ने गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मंगलवार रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना में बताया गया था कि बेरी वाले बाबा के पास स्थित गुरुगोविंद सिंह वार्ड में एक मकान के अंदर गोमांस रखा हुआ है और उसकी बिक्री की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घर की घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान सरबाज पिता वसीम मकरानी (23) निवासी बेरी वाले बाबा के पास के रूप में हुई है। पुलिस ने जब उसके घर की तलाशी ली तो वहां रखे दो थैलों में बड़ी मात्रा में मांस मिला। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे गोमांस होने की आशंका जताई। इसके अलावा मौके से गाय की चमड़ी, दो पैर खुर सहित, लोहे का धारदार बका और मांस तौलने के उपकरण भी बरामद किए गए।
कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि बरामद मांस और अन्य अवशेषों का पंचनामा तैयार किया गया है। साथ ही मांस के नमूनों को जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया भी की जा रही है ताकि वैज्ञानिक परीक्षण के आधार पर पुष्टि की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

पूछताछ के दौरान आरोपी सरबाज ने पुलिस को बताया कि वह कथित तौर पर राहतगढ़ निवासी अख्तर और मोमीनपुरा निवासी जावेद हुसैन से यह माल खरीदकर लाया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह इसे बेचने की तैयारी में था। आरोपी के बयान के आधार पर पुलिस अब इन दोनों व्यक्तियों की तलाश कर रही है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी या फिर किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित गोमांस कहां से लाया गया और इसकी सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश देखने को मिला। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
मध्य प्रदेश में गौवंश वध को लेकर सख्त कानून लागू हैं। राज्य में गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत गाय और उसके वंश के पशुओं के वध, परिवहन और मांस बिक्री पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी को लंबी सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा आरोपी के पास से धारदार हथियार मिलने के कारण आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। फिलहाल सरबाज मकरानी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके मोबाइल फोन व संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा है।
घटना के सामने आने के बाद शहर में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। वहीं पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।