बंडा सिविल अस्पताल में डॉक्टर से अभद्रता, चैंबर में घुसकर की धक्का-मुक्की !

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सागर जिले के बंडा स्थित सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर के साथ अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। अस्पताल के चैंबर में घुसकर डॉक्टर के साथ गालीगलौज और धक्का-मुक्की किए जाने की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद अस्पताल स्टाफ में नाराजगी और चिंता का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, फरियादी डॉ. लकी पिता कमलेश कुमार जैन (35) निवासी झंडा चौक बंडा, सिविल अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बंडा थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि वे 25 मई की रात अस्पताल में नाइट ड्यूटी पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक थी।

डॉ. लकी जैन के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे मरीज दीपक पिता जानकी यादव निवासी बंडा को उसके परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे। मरीज के साथ हर्ष यादव और कृष्णपाल यादव मौजूद थे। इमरजेंसी वार्ड में मरीज का उपचार किया गया। इलाज के बाद दोनों परिजन डॉक्टर के चैंबर में जबरन घुस आए और अभद्र व्यवहार करने लगे।

डॉक्टर ने अपनी शिकायत में बताया कि दोनों आरोपियों ने उनके साथ गालीगलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने गालियां देने से मना किया तो मामला और बढ़ गया। इसी दौरान आरोपियों के अन्य परिजन राजकुमार यादव और देवेंद्र यादव भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि चारों लोगों ने मिलकर डॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं।

घटना के दौरान अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हंगामा सुनकर वार्ड बॉय गणेश कुर्मी और स्टाफ नर्स पूर्णिमा अहिरवार मौके पर पहुंचे। दोनों ने बीचबचाव कर स्थिति को शांत कराया और डॉक्टर को आरोपियों से बचाया। अस्पताल स्टाफ की तत्परता से मामला ज्यादा नहीं बढ़ पाया।

घटना के बाद डॉ. लकी जैन ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर बंडा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गालीगलौज, शासकीय कार्य में बाधा और धक्का-मुक्की सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अभद्रता की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में वे लगातार मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं, लेकिन कई बार परिजन बिना वजह विवाद करने लगते हैं। इससे अस्पताल का माहौल प्रभावित होता है और अन्य मरीजों के उपचार में भी बाधा आती है।

स्थानीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि अस्पतालों में सुरक्षा गार्डों की पर्याप्त व्यवस्था और संवेदनशील समय में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि डॉक्टर और स्टाफ सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन ने अस्पताल परिसर में शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है।

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