सागर। कोतवाली थाना क्षेत्र में सशर्त जिलाबदर की माफी पर शहर में रह रहे एक बदमाश को बीच सड़क पर गुंडागर्दी करना महंगा पड़ गया। एक युवक के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने के मामले में नया अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही जिलाबदर आदेश में दी गई राहत भी निरस्त कर दी गई और आरोपी को जिला सीमा से बाहर भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार जवाहरगंज वार्ड निवासी सुशील साहू ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 27 मई की दोपहर वह अपनी एक्टिवा से खेमचंद अस्पताल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तीनबत्ती क्षेत्र स्थित बनारसी पान दुकान के पास आरोपी रूपेश उर्फ रिप्पी साहू ने उन्हें रोक लिया। पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
फरियादी के अनुसार जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी ने धक्का-मुक्की करते हुए उनके साथ मारपीट की और दो थप्पड़ भी मारे। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी ने खुद को जिलाबदर बताते हुए धमकी दी कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
शर्त का उल्लंघन पड़ गया भारी
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ नया आपराधिक प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी पहले से ही जिलाबदर की कार्रवाई का सामना कर चुका था।

मामले में जानकारी देते हुए ललित कश्यप ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा फरवरी 2026 में रूपेश उर्फ रिप्पी साहू के खिलाफ जिलाबदर आदेश जारी किया गया था। बाद में संभागायुक्त स्तर पर उसे विशेष शर्तों के साथ राहत प्रदान की गई थी। शर्त यह थी कि वह शहर में रहते हुए किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा और कानून-व्यवस्था का पालन करेगा।
लेकिन मारपीट और गाली-गलौज की नई घटना सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी ने माफी की शर्तों का उल्लंघन किया है। इसके बाद संबंधित आदेश की समीक्षा कर राहत निरस्त कर दी गई।
गिरफ्तारी के बाद सीमा के बाहर छोड़ा गया
पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद जिलाबदर आदेश को प्रभावी करते हुए पुलिस टीम आरोपी को मध्यप्रदेश की सीमा से बाहर उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक लेकर गई और वहां छोड़ दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए जिलाबदर जैसी कार्रवाई प्रभावी साबित हो रही है। जो व्यक्ति प्रशासन द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों को सख्त संदेश
इस कार्रवाई को पुलिस और प्रशासन द्वारा अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जिलाबदर की शर्तों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। यदि कोई व्यक्ति राहत मिलने के बाद भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में चर्चा है और इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।