कर्ज के बोझ तले दबे बेटे ने अपने ही घर में की 7 लाख की चोरी, मां के शक ने खोला राज !

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सागर। जिले के देवरी थाना क्षेत्र में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस चोरी की शिकायत एक मां ने अपने सूने घर से जेवर और नकदी गायब होने की दर्ज कराई थी, उसका आरोपी कोई और नहीं बल्कि उसका अपना बेटा निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 7.57 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद कर ली है।

पुलिस के अनुसार देवरी के बाजार वार्ड निवासी श्यामरानी रैकवार 19 मई को अपने पति के इलाज के लिए सागर गई थीं। घर बंद होने के कारण उन्होंने मकान की चाबी बाहर रखे ब्रश के डिब्बे में सुरक्षित रख दी थी। इस बात की जानकारी केवल परिवार के सदस्यों को थी।

इसी दौरान उनके बेटे शुभम रैकवार ने घर की स्थिति और चाबी की जानकारी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। घर में प्रवेश कर उसने सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ली। जब श्यामरानी वापस लौटीं तो घर से कीमती सामान गायब मिला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

नया मकान बना, बढ़ा कर्ज और उठाया गलत कदम

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी शुभम रैकवार ने हाल ही में नया मकान बनवाया था। मकान निर्माण में हुए खर्च के कारण वह आर्थिक दबाव और कर्ज के बोझ से जूझ रहा था। पुलिस के अनुसार इसी आर्थिक संकट से उबरने के लिए उसने अपने ही घर को निशाना बनाया और चोरी की योजना बनाई।

मां को बेटे पर हुआ संदेह

मामले की जांच के दौरान फरियादिया श्यामरानी ने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने बेटे और बहू पर संदेह है। इसी आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और शुभम को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर के अनुसार शुरुआती पूछताछ में आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने का प्रयास करता रहा। हालांकि जब पुलिस ने तथ्यों के आधार पर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और चोरी की पूरी वारदात स्वीकार कर ली।

7.57 लाख का माल बरामद

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया माल बरामद कर लिया। जब्त किए गए सामान में सोने का हार, चूड़ियां, झुमकी, अंगूठियां, चांदी की करधनी, पायल सहित एक लाख रुपये नकद शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार बरामद आभूषणों और नकदी की कुल कीमत लगभग 7 लाख 57 हजार 500 रुपये आंकी गई है। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश कर दिया।

रिश्तों में भरोसे को लगी चोट

इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में एक बेटे द्वारा अपने ही माता-पिता के घर में चोरी करने का मामला सामने आया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पारिवारिक विवाद और आर्थिक संकट कभी भी अपराध का औचित्य नहीं बन सकते।

मामले का खुलासा होने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। वहीं यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि आर्थिक दबाव में उठाया गया एक गलत कदम व्यक्ति को अपराध की राह पर ले जा सकता है और पारिवारिक विश्वास को गहरी चोट पहुंचा सकता है।

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