सागर, मकरोनिया नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक-1 स्थित सेमराबाग में निर्माणाधीन लव-कुश मंदिर एवं प्रस्तावित धर्मशाला-छात्रावास परिसर का रविवार को नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और प्रस्तावित सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान विधायक लारिया ने मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों का अवलोकन किया तथा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने धर्मशाला एवं छात्रावास निर्माण की योजनाओं पर भी चर्चा करते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि निर्माणाधीन लव-कुश मंदिर भविष्य में क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। मंदिर परिसर के विकसित होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित धर्मशाला और छात्रावास की सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय नागरिकों, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को लाभ मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में नागरिकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
विधायक ने परिसर में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया और कहा कि यह स्थान आने वाले समय में क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष मिहीलाल, स्थानीय पार्षद, एल्डरमैन, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक तथा नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी साझा करते हुए परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
स्थानीय नागरिकों ने भी मंदिर और धर्मशाला परिसर के निर्माण को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उनका कहना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने से धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक आयोजनों को भी नया आयाम मिलेगा।