जिला अस्पताल में आवारा कुत्तों का आतंक, वार्ड के बेड पर सोता मिला कुत्ता !

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जिला अस्पताल में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज और उनके परिजन दहशत में हैं, लेकिन प्रबंधन की ओर से अब तक ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाए गए। हालात यह हैं कि अस्पताल के गलियारों में कुत्तों का घूमना आम बात हो चुकी थी, पर अब वे बेखौफ होकर वार्डों के अंदर तक पहुंच रहे हैं।


वार्ड नंबर-6 का वीडियो वायरल

ताजा मामला वार्ड नंबर-6 का है, जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक आवारा कुत्ता मरीज के खाली पलंग पर आराम से सो रहा है, जबकि उसके ठीक बगल वाले बेड पर अन्य मरीज सो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो रात के समय किसी मरीज के परिजन ने बनाया। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि अस्पताल परिसर में लंबे समय से कुत्तों का जमावड़ा रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे।


मरीजों में भय का माहौल

अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि रात के समय स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। कई बार कुत्ते वार्डों में घूमते दिखाई देते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ने के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

खासकर बुजुर्ग और गंभीर मरीजों के परिजन अधिक चिंतित हैं। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है।


प्रशासन हरकत में, नोटिस की तैयारी

मामला तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। सिविल सर्जन डॉ. आरएस जयंत ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुरक्षा एजेंसी, संबंधित वार्ड बॉय और ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को नोटिस जारी किए जाएंगे।

डॉ. जयंत के अनुसार, अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सख्ती बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि अब रात के समय वार्डों के मुख्य चैनल गेट बंद रखे जाएंगे और वहां विशेष रूप से चौकीदारों की तैनाती की जाएगी, ताकि कोई भी जानवर अंदर प्रवेश न कर सके।


पहले भी उठ चुके हैं सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे हैं। पूर्व में भी साफ-सफाई और सुरक्षा को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन की ओर से की जा रही घोषणाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं। फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि अस्पताल परिसर को आवारा कुत्तों से मुक्त कर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाएगा।

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