इंदौर। मध्य प्रदेश के IAS अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में गुरुवार को जिला कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। कोर्ट ने तुकोगंज थाना पुलिस से मामले की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि इस संबंध में दायर आवेदन पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

यह परिवाद एडवोकेट शैलेंद्र द्विवेदी द्वारा 28 नवंबर को दायर किया गया था। परिवाद में उल्लेख है कि संतोष वर्मा, जो SC-ST अधिकारी-कर्मचारी संगठन के प्रांत अध्यक्ष और पदस्थ IAS अधिकारी हैं, ने 25 नवंबर को भोपाल में आयोजित अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन के मंच से ब्राह्मण समाज की बेटियों के प्रति अशोभनीय, अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी की। परिवाद में कहा गया कि ऐसी टिप्पणी न केवल समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द बिगाड़ने वाली है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि एक IAS अधिकारी को नियुक्ति के समय शपथ दिलाई जाती है कि वह बिना किसी भेदभाव के सेवा करेगा, लेकिन वर्मा की यह टिप्पणी उस शपथ का उल्लंघन प्रतीत होती है। इस बयान से ब्राह्मण समाज विश्वभर में अपमानित महसूस कर रहा है और समुदाय में व्यापक रोष व्याप्त है।
वकील द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में तुकोगंज थाना क्षेत्र में लिखित शिकायत भी की गई थी, लेकिन पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने के कारण न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट अब मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को करेगा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस को मामले में की गई कार्रवाई का पूरा विवरण प्रस्तुत करना होगा, जिसके आधार पर आगे की विधिक प्रक्रिया तय की जाएगी।