जिला शिक्षा समिति की बैठक में शिक्षा व्यवस्था सुधार पर जोर !

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जिला पंचायत सभाकक्ष में बुधवार को जिला शिक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने की। बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं, विद्यालयों में आधारभूत संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा से जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएं ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक के दौरान सबसे पहले विद्यालयों में स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति तथा इन कार्यों के लिए प्राप्त राशि के उपयोग की समीक्षा की गई। अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

बैठक में संबल योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशि अंतरण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजना का लाभ समय पर पात्र विद्यार्थियों और परिवारों तक पहुंचे तथा लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए। समिति ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

विद्यार्थियों को मिलने वाली निःशुल्क साइकिल एवं पाठ्य पुस्तक वितरण योजना की समीक्षा करते हुए समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी पात्र विद्यार्थियों को साइकिल और पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। समिति का मानना था कि शैक्षणिक सत्र के प्रारंभिक चरण में ही पुस्तकें और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होती और उनका शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर होता है।

बैठक में जिले के विभिन्न विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों, बालिका शौचालय निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के निर्धारित मानकों के अनुरूप और समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधूरे निर्माण कार्य विद्यार्थियों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों को प्रभावित करते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

समिति सदस्य सुश्री रानी पटैल ने विद्यालयों में साफ-सफाई और विशेष रूप से बालिका शौचालयों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी विद्यालयों में स्वच्छ एवं उपयोगी शौचालय उपलब्ध होना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा साफ-सफाई की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

वहीं समिति सदस्य राजेश राय ने मालथौन क्षेत्र के विद्यालयों से संबंधित विभिन्न समस्याओं की ओर समिति का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों, संसाधनों की कमी और कुछ लंबित मामलों पर चर्चा की। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसीसी) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। अधिकारियों ने समिति को आश्वस्त किया कि मालथौन क्षेत्र की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

बैठक के दौरान छात्रावासों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। समिति ने छात्रावासों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक संसाधनों की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि छात्रावासों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाए और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित तथा अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

इसके अलावा अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित लंबित प्रकरणों पर भी चर्चा की गई। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों के अनुसार पात्र मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिल सके। बैठक में शिक्षक संलग्नीकरण के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया तथा शिक्षकों की उपलब्धता और शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुसार उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में जिले के विभिन्न विद्यालयों में मौजूद जीर्ण-शीर्ण भवनों की स्थिति पर भी गंभीर चर्चा हुई। समिति ने ऐसे भवनों की सूची तैयार कर आवश्यक मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सदस्यों ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी जर्जर भवन में विद्यार्थियों को पढ़ाना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

बैठक में शिक्षा समिति सदस्य श्रीमती शारदा खटीक, सुश्री रानी पटैल, श्रीमती भारती और श्री राजेश राय ने जिला पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विभिन्न विभागीय समस्याओं और आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की। सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय विभाग, जिला खेल अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक तथा विभिन्न संकुल प्राचार्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने समिति को विभिन्न योजनाओं और कार्यों की प्रगति से अवगत कराया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।

बैठक के अंत में अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला शिक्षा समिति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में लिए गए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाया जा सके।

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