प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय पेयजल समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर दो अधिकारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद खुरई तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत रहली को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार 27 मई 2026 को जिले में पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का उद्देश्य गर्मी के मौसम में नागरिकों को सुचारु पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा जल संकट वाले क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करना था। बैठक की सूचना संबंधित अधिकारियों को पूर्व में नियमानुसार मीडिया के माध्यम से उपलब्ध कराई गई थी। इसके बावजूद दोनों अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक में अनुपस्थित रहे।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी सूचना पत्र में कहा गया है कि बिना अनुमति अथवा पूर्व जानकारी के बैठक में अनुपस्थित रहना शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। प्रशासन ने इसे सरकारी कार्यों में लापरवाही मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन बताया है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के विपरीत होने के कारण दंडनीय श्रेणी में आता है।
दोनों अधिकारियों को नोटिस प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया या जवाब असंतोषजनक पाया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि जिले में इन दिनों भीषण गर्मी के चलते पेयजल व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है। ऐसे समय में आयोजित समीक्षा बैठकों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।