दतिया, 26 दिसंबर 2025: जिले के निचरौली क्षेत्र स्थित एक माध्यमिक विद्यालय में बच्चों से स्कूल परिसर की सफाई करवाई जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे पढ़ाई शुरू करने से पहले हाथ में झाड़ू लेकर स्कूल के लंबे-चौड़े प्रांगण की सफाई कर रहे हैं। इस दौरान छात्र-छात्राएं कॉपी-किताबें खोलने के बजाय सफाई कार्य में जुटे नजर आए।

वीडियो वायरल, लोगों में रोष
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो पिछले सप्ताह का बताया जा रहा है, लेकिन अब यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी नाराजगी पाई जा रही है। उनका कहना है कि पढ़ाई के समय बच्चों से इस तरह का काम कराना उनके अधिकारों का उल्लंघन है और यह शिक्षा के मूल उद्देश्य के खिलाफ है।
इलाके की पहले से विवादित छवि
निचरौली क्षेत्र पहले से ही विवादों के कारण चर्चा में रहा है। इससे पहले इसी इलाके के चक्र रामसागर क्षेत्र में एक शिक्षक पर छोटे बच्चों के साथ अश्लील हरकतों का आरोप लग चुका है। ऐसे में स्कूल में बच्चों से झाड़ू लगवाने का यह नया मामला क्षेत्र की छवि को और धूमिल कर रहा है।

पहले भी सोशल मीडिया पर वीडियो आए, कार्रवाई नहीं हुई
विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात यह है कि पहले भी सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आ चुके हैं, लेकिन न तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने समय रहते संज्ञान लिया और न ही स्कूल स्तर पर इस तरह की गतिविधियों को रोका गया। इस वजह से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
डीपीसी का बयान: जांच कर सख्त कार्रवाई
मामले पर जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) राजेश शुक्ला ने कहा कि उन्हें इस तरह का कोई वीडियो अभी तक संज्ञान में नहीं आया था। उन्होंने कहा, “यदि वीडियो सही पाया जाता है, तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी शिक्षकों या जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय प्रतिक्रिया और मांगें
स्थानीय लोग और अभिभावक चाहते हैं कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए शिक्षा विभाग सक्रिय भूमिका निभाए। उनका कहना है कि बच्चों से पढ़ाई के समय अनिवार्य रूप से सफाई या अन्य कार्य कराना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
आगे की संभावना
जिलाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच का आदेश दे दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता है या नहीं। अभिभावक और शिक्षक समुदाय भी विभागीय कार्रवाई की प्रतीक्षा में हैं।