शहर में डिलीवरी कर्मचारियों का धरना: स्विग्गी इंस्टामार्ट प्रबंधन के खिलाफ भारी नाराजगी !

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सागर, 26 दिसंबर 2025: शहर में स्विग्गी इंस्टामार्ट के डिलीवरी कर्मचारियों ने बीटी तिराहे पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का कारण कंपनी प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के साथ कथित तानाशाही और शोषणपूर्ण व्यवहार बताया जा रहा है। कर्मचारियों ने फील्ड मैनेजर इंद्रभान सिंह पर आरोप लगाया कि वे अपने अधीनस्थों पर अत्यधिक दबाव बनाते हैं और उनके हक़ की अनदेखी कर रहे हैं।

17-18 घंटे की शोषणपूर्ण ड्यूटी

धरने में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें प्रतिदिन 17 से 18 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया जाता है, जबकि प्रति पार्सल केवल 15 रुपए का भुगतान किया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि इस आधार पर दिनभर की कमाई लगभग 450 रुपए होती है, जिसमें से करीब 220 रुपए पेट्रोल पर खर्च हो जाते हैं। ऐसे में उनके हाथ में वास्तविक रूप से केवल 230 रुपए बचते हैं, जो कि न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।

कर्मचारियों ने बताया कि पहले कंपनी द्वारा प्रति पार्सल 5 रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया जाता था, जिसे प्रबंधन ने हाल ही में बंद कर दिया है। वर्तमान में शहर में करीब 65 कर्मचारी सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक लगातार डिलीवरी का काम कर रहे हैं।

काम से निकालने की धमकी और नई भर्तियां

कर्मचारियों का आरोप है कि जब उन्होंने लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और अत्यधिक काम का विरोध किया, तो उन्हें काम से निकालने की धमकी दी गई। वहीं, कंपनी प्रबंधन द्वारा नई भर्तियां की जा रही हैं, जिससे वर्तमान कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया है।

कर्मचारियों की मांगें

धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे सिर्फ अपने हक़ की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंपनी प्रबंधन को:

  • कार्य समय में सुधार करना चाहिए।
  • प्रति पार्सल भुगतान बढ़ाना चाहिए।
  • लंबे समय से सेवाएं देने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
  • और फील्ड मैनेजर इंद्रभान सिंह के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

कर्मचारियों का यह भी कहना है कि वे एक वर्ष से अधिक समय से कंपनी में काम कर रहे हैं और इस दौरान उन्हें कई बार अनदेखा किया गया।

स्थानीय प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों और राहगीरों ने भी धरना प्रदर्शन को देखते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ यह व्यवहार अनुचित है। उनका कहना है कि शहर में इस तरह के कार्यस्थल शोषण की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।

आगे की कार्रवाई

कर्मचारी धरने पर बैठे हैं और कंपनी से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अपने प्रदर्शन को और बड़ा करने का विकल्प भी तलाश सकते हैं।

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