दमोह। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झलोन में एक 40 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतक का शव शनिवार रात उसके घर में जमीन पर पड़ा मिला। घटना के बाद परिजनों ने मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर प्रताड़ना तथा हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं मृतक की पत्नी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया है कि उसके पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार ग्राम झलोन निवासी मंगल रैकवार (40) शनिवार रात अपने घर में मृत अवस्था में मिले। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। पड़ोसियों ने सबसे पहले मृतक के परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। बाद में शव को तेंदूखेड़ा लाया गया, जहां रविवार सुबह पोस्टमार्टम कराया गया।

मृतक के परिजनों का कहना है कि घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और इसे आत्महत्या बताकर वास्तविक तथ्य छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका दावा है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो मंगल रैकवार का शव जमीन पर पड़ा हुआ था, जबकि पत्नी द्वारा फांसी लगाने की बात कही जा रही है।
मृतक के भाई राजू रैकवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी भाभी और रामशंकर रैकवार नामक व्यक्ति के बीच पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध थे। उनके अनुसार मंगल इस संबंध को लेकर लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। राजू का कहना है कि तीन वर्ष पहले दोनों को तेंदूखेड़ा क्षेत्र में एक साथ पकड़ा गया था और उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
राजू रैकवार के मुताबिक, शनिवार शाम मंगल तालाब से मछली पकड़कर घर लौटे थे। इसके बाद घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट हुई और बाद में मंगल की मौत हो गई। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि मौत के वास्तविक कारण सामने आ सकें।
मृतक की मां मझली बाई रैकवार ने भी बहू और उसके कथित प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों के बीच लंबे समय से संबंध थे, जिसके कारण उनका बेटा लगातार मानसिक और सामाजिक दबाव में जी रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार द्वारा कई बार समझाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। मझली बाई का दावा है कि पहले भी उनके बेटे के साथ मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं।
उन्होंने बताया कि जब उन्हें घटना की जानकारी मिली और वे घर पहुंचीं तो शव जमीन पर रखा हुआ था। उनके अनुसार यदि आत्महत्या हुई होती तो घटनास्थल की स्थिति कुछ और होती। इसलिए पूरे मामले की गहन जांच जरूरी है।

मृतक की बहन सरस्वती रैकवार ने भी भाई की मौत पर संदेह जताया है। उन्होंने बताया कि मंगल कई वर्षों से मानसिक तनाव में था और उसने परिवार को कई बार अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। सरस्वती का कहना है कि उसे घटना की सूचना परिवार से नहीं बल्कि अन्य लोगों से मिली। उन्होंने आशंका जताई कि पहले मारपीट की गई और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।
दूसरी ओर मृतक की पत्नी दसोदा रैकवार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि घटना वाले दिन पति मछली लेकर घर आए थे। उस समय बच्चे मोबाइल फोन देख रहे थे, जिस पर उन्होंने बच्चों को डांटा। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई और मंगल ने उनके साथ मारपीट भी की।
दसोदा के अनुसार विवाद के बाद वह अपने बच्चों को लेकर घर की छत पर चली गई थीं। कुछ समय बाद नीचे से आवाज सुनाई दी तो वह नीचे पहुंचीं। वहां उन्होंने देखा कि उनके पति फंदे पर लटके हुए हैं। उन्होंने तत्काल रस्सी काटकर उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पत्नी का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला है और उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

घटना की सूचना मिलने पर तेंदूखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी रविंद्र बागरी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।
फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। परिजन जहां इसे हत्या बता रहे हैं, वहीं पत्नी आत्महत्या का दावा कर रही है। अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आ सकेगी।