खुरई के जगदीशपुरा में पशु क्रूरता का मामला: घायल कुत्ते को अस्पताल पहुंचाया, दोषी पर कार्रवाई की मांग तेज !

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खुरई। सागर जिले के खुरई शहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुरा मोहल्ले में एक लावारिस कुत्ते के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना के बाद घायल कुत्ते को उपचार के लिए पशु चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार जगदीशपुरा क्षेत्र में एक लावारिस कुत्ता लंबे समय से मोहल्ले में घूमता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कुत्ता शांत स्वभाव का था और उसने कभी किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया। मोहल्ले के कई लोग उसे भोजन भी देते थे और वह क्षेत्र के लोगों के बीच परिचित बन चुका था।

स्थानीय निवासी राजीव राजपूत ने बताया कि बीती रात कुत्ता सड़क किनारे शांत अवस्था में सो रहा था। इसी दौरान एक व्यक्ति वहां पहुंचा और कथित तौर पर शराब के नशे में कुत्ते के साथ अमानवीय व्यवहार किया। आरोप है कि उसने कुत्ते को उठाकर जोर से दूर फेंक दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद कुत्ता दर्द से तड़पता हुआ दिखाई दिया। आसपास मौजूद लोगों ने जब उसकी हालत देखी तो तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया। स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों ने मिलकर घायल कुत्ते को पशु चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया।

पशु चिकित्सकों के अनुसार कुत्ता शारीरिक रूप से घायल होने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी काफी भयभीत दिखाई दे रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि घटना के बाद उसके व्यवहार में असामान्य परिवर्तन देखा गया है। वह डरा-सहमा हुआ है और सामान्य रूप से प्रतिक्रिया नहीं दे रहा। चिकित्सकों द्वारा उसकी स्वास्थ्य जांच की गई है तथा आवश्यक उपचार जारी है।

घटना की जानकारी फैलते ही क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ गई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी बेजुबान पशु के साथ इस प्रकार का व्यवहार मानवता के खिलाफ है। लोगों का मानना है कि पशु भी जीवित प्राणी हैं और उन्हें भी सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है।

पशु प्रेमियों ने कहा कि समाज में लगातार पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि घटना की गंभीरता से जांच की जाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में रहने वाले कई लावारिस पशु लोगों के सहयोग से अपना जीवन यापन करते हैं। ऐसे में उनके साथ हिंसक व्यवहार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक मूल्यों के भी विपरीत है। नागरिकों ने प्रशासन से पशुओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा ऐसे मामलों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

पशु अधिकारों के लिए कार्य करने वाले लोगों का कहना है कि भारत में पशु क्रूरता रोकने के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। इन कानूनों का उद्देश्य पशुओं को अनावश्यक पीड़ा और हिंसा से बचाना है। ऐसे मामलों में यदि दोष सिद्ध होता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

घटना के बाद क्षेत्र के कई लोगों ने घायल कुत्ते के उपचार और देखभाल में सहयोग करने की इच्छा भी जताई है। लोगों का कहना है कि जब तक कुत्ता पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाता, तब तक उसकी देखभाल की जाएगी और उसे सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

फिलहाल घायल कुत्ता पशु चिकित्सकों की निगरानी में है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बेजुबान पशुओं के साथ इस प्रकार की क्रूरता करने का साहस न कर सके।

इस घटना ने एक बार फिर पशु संरक्षण और पशु अधिकारों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि संवेदनशील समाज का निर्माण तभी संभव है, जब इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जीवों के प्रति भी करुणा, दया और जिम्मेदारी का भाव रखा जाए।

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