हाईवे पर सजता हाट बाजार, हजारों लोग और सैकड़ों दुकानें बढ़ा रहीं परेशानी !

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खिमलासा/बीना। बीना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खिमलासा कस्बे में रविवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट बाजार अब स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। बीना-मालथौन स्टेट हाईवे पर संचालित हो रहे इस हाट बाजार के चलते हर रविवार को घंटों तक जाम की स्थिति बन जाती है। सड़क किनारे सैकड़ों दुकानों का लगना, भारी भीड़, अव्यवस्थित पार्किंग और बढ़ता अतिक्रमण यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर रहा है। विडंबना यह है कि लाखों रुपए की लागत से निर्मित नया हाट बाजार वर्षों से खाली पड़ा हुआ है और शोपीस बनकर रह गया है।

जानकारी के अनुसार खिमलासा में लगने वाला साप्ताहिक हाट बाजार क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है। यहां आसपास के गांवों और पंचायतों से बड़ी संख्या में व्यापारी और खरीदार पहुंचते हैं। नारायणी मंदिर से फरकना तिराहा तक फैले इस बाजार में लगभग 500 से अधिक दुकानें लगती हैं। इनमें सब्जी, फल, अनाज, कपड़ा, मनिहारी, घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का कारोबार होता है।

रविवार सुबह से ही बाजार सजना शुरू हो जाता है और रात करीब 9 बजे तक लोगों की भीड़ बनी रहती है। खरीदारी के लिए आसपास की 15 से अधिक ग्राम पंचायतों के लोग यहां पहुंचते हैं। हजारों लोगों की आवाजाही के कारण सड़क पर भारी दबाव बनता है। स्थिति यह है कि बाजार के लिए निर्धारित पर्याप्त स्थान न होने के कारण दुकानदार सड़क किनारे और डिवाइडर के आसपास तक दुकानें लगा लेते हैं। कई जगहों पर रेलिंग के दोनों ओर दुकानें सज जाती हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो जाती है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या केवल अस्थायी दुकानों तक सीमित नहीं है। हाईवे किनारे स्थित स्थायी दुकानदार भी अपनी दुकानों के सामने 15 से 20 फीट तक अतिक्रमण कर लेते हैं। इसके बाद वे उन्हीं स्थानों पर हाथ ठेले और फेरी वालों को भी जगह दे देते हैं। परिणामस्वरूप सड़क का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में आ जाता है और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।

ग्रामीण मुन्नीलाल सेन और संजय नामदेव बताते हैं कि सामान्य दिनों की तुलना में त्योहारी सीजन में हालात और भी खराब हो जाते हैं। त्योहारों के समय बाजार में खरीदारों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे घंटों तक जाम लगा रहता है। कई बार लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब किसी मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस को रास्ता नहीं मिल पाता।

स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार जाम इतना लंबा हो जाता है कि बसें, ट्रक और अन्य भारी वाहन घंटों तक फंसे रहते हैं। बीना-मालथौन स्टेट हाईवे क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में हाट बाजार के कारण यातायात बाधित होना आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और परिवहन व्यवस्था पर भी असर डाल रहा है।

सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि खिमलासा में इस समस्या के समाधान के लिए करीब 15 वर्ष पहले फरकना तिराहा के पास लाखों रुपए खर्च कर एक नया हाट बाजार बनाया गया था। यहां टीन शेड, दुकानों और अन्य सुविधाओं का निर्माण कराया गया था ताकि व्यापारी सड़क छोड़कर सुरक्षित स्थान पर अपना व्यवसाय कर सकें। लेकिन निर्माण के वर्षों बाद भी यह बाजार पूरी तरह उपयोग में नहीं आ सका। वर्तमान में अधिकांश दुकानें हाईवे पर ही लगती हैं जबकि नया बाजार लगभग खाली पड़ा हुआ है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ग्राम पंचायत और प्रशासन ने नए हाट बाजार को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए कभी गंभीर प्रयास नहीं किए। परिणामस्वरूप करोड़ों रुपए की सार्वजनिक संपत्ति उपयोग के अभाव में बेकार पड़ी हुई है और सड़क पर लगने वाला बाजार लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है।

ग्राम पंचायत खिमलासा के सरपंच अशोक साहू ने बताया कि हाल ही में हाट बाजार परिसर में 17 नई दुकानों का निर्माण कराया गया है, जबकि पहले से 8 दुकानें मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बाजार परिसर में मौजूद चबूतरों को हटाकर सीसी निर्माण कराया जाएगा तथा मुख्य सड़क के अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा। इसके बाद सड़क पर लगने वाले हाट बाजार को नए बाजार परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा।

वहीं खुरई एसडीएम मनोज चौरसिया ने भी माना कि हाट बाजार सड़क पर लगने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द ही कार्रवाई करेगा और आवश्यकता पड़ने पर बलपूर्वक हाट बाजार को नए परिसर में शिफ्ट कराया जाएगा, ताकि आम जनता और वाहन चालकों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि नए हाट बाजार को तत्काल शुरू कराया जाए, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाया जाए और बाजार के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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