दमोह। जिले के हटा नगर स्थित बड़ा बाजार क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शॉर्ट सर्किट के कारण तीन दुकानों में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते किराना, कपड़ा और जूते की दुकानें उसकी चपेट में आ गईं। घटना में दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड और प्रशासन को करीब चार घंटे तक लगातार मशक्कत करनी पड़ी।

जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार सुबह करीब 6 बजे की है। बड़ा बाजार क्षेत्र में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी नियमित सफाई कार्य कर रहे थे, तभी उन्होंने दुकानों से धुआं और आग की लपटें निकलती देखीं। कर्मचारियों ने तत्काल मामले की सूचना नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र खरे को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को अलर्ट किया गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक शुरुआत में आग एक दुकान तक सीमित थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप धारण कर लिया। बाजार क्षेत्र में दुकानें एक-दूसरे से सटी होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और तीन दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के व्यापारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि स्थानीय प्रयास नाकाफी साबित हुए। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकानों में रखा ज्वलनशील सामान आग को लगातार बढ़ा रहा था। किराना सामग्री, कपड़े और जूतों का स्टॉक आग की लपटों में तेजी से जलने लगा। हालात ऐसे बन गए कि आग बुझाने के लिए प्रशासन को जेसीबी मशीन की मदद लेनी पड़ी। दुकानों के छप्पर तोड़े गए और शटर हटाए गए ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके।
हालांकि, जब दुकानों के शटर और छप्पर हटाए गए तो अंदर मौजूद ऑक्सीजन के संपर्क में आने से आग और भड़क उठी। इसके बाद दमोह सहित आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड वाहन बुलाए गए। बताया जा रहा है कि करीब 10 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने लगातार चार घंटे तक आग बुझाने का काम किया।
कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक तीनों दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थीं। दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान जल गया। कई व्यापारियों का कहना है कि दुकान में रखा पूरा माल खत्म हो गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
घटना के बाद बाजार क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सैकड़ों लोग आग बुझाने की कार्रवाई देखने पहुंचे। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नुकसान का आकलन शुरू कराया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में कई जगह पुराने और जर्जर बिजली तार लगे हुए हैं, जिनके कारण पहले भी हादसे की आशंका जताई जाती रही है। लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से बाजार क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की जांच और सुधार की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि आगजनी की इस घटना ने उनकी वर्षों की मेहनत को कुछ ही घंटों में खत्म कर दिया। कई दुकानदारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि बिना सरकारी मदद के नुकसान की भरपाई करना बेहद मुश्किल होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने बाजार क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमी और अव्यवस्थित विद्युत कनेक्शन इस तरह की घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं। संकरी गलियों और पास-पास बनी दुकानों के कारण आग बुझाने में भी काफी परेशानी होती है। ऐसे क्षेत्रों में नियमित विद्युत जांच और फायर सेफ्टी उपाय बेहद जरूरी हैं।
फिलहाल प्रशासन द्वारा घटना की जांच कराई जा रही है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। वहीं व्यापारी वर्ग इस घटना के बाद भय और चिंता के माहौल में है। बड़ा बाजार में लगी इस भीषण आग ने एक बार फिर बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।