दमोह में तेंदूपत्ता तोड़ रही बुजुर्ग महिला पर भालू का हमला !

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Damoh जिले के तालगांव क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बुजुर्ग महिला पर भालू ने हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब महिला खेत में तेंदूपत्ता तोड़ रही थी। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल उपचार के लिए मडियादो स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार घायल महिला की पहचान 70 वर्षीय सुमत रानी आदिवासी के रूप में हुई है। महिला के बेटे मोती आदिवासी ने बताया कि उनकी मां सुबह खेत में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थीं। इसी दौरान अचानक एक भालू वहां पहुंच गया और उसने महिला पर हमला कर दिया।

परिजनों के अनुसार भालू ने महिला का हाथ अपने मुंह में दबा लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। महिला दर्द और डर के कारण जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उनकी चीख सुनकर आसपास मौजूद कुछ कुत्ते मौके पर पहुंचे और भालू पर भौंकते हुए उसे खदेड़ने लगे। कुत्तों के हमलावर व्यवहार से भालू घबरा गया और महिला का हाथ छोड़ दिया।

महिला के बेटे मोती आदिवासी ने बताया कि मां की आवाज सुनकर वे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पत्थर मारकर भालू को जंगल की ओर भगाया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

घटना की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई। डायल-112 वाहन की सहायता से घायल महिला को Madiyado Health Centre पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार महिला के हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घटना की जानकारी वन विभाग को भी दे दी गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई और क्षेत्र का निरीक्षण किया। विभाग द्वारा घायल महिला को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तालगांव क्षेत्र Panna Tiger Reserve के समीप स्थित है, जिसके कारण यहां अक्सर जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र में भालुओं की संख्या काफी अधिक है और तेंदूपत्ता सीजन के दौरान जंगल और खेतों में लोगों की आवाजाही बढ़ने से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार भालुओं द्वारा लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खासकर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूर और ग्रामीण सुबह-सुबह जंगल और खेतों में जाते हैं, जहां अचानक जंगली जानवरों से सामना हो जाता है।

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगल से लगे गांवों में गश्त बढ़ाई जाए और लोगों को सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी दी जाए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या सुनसान क्षेत्रों में न जाएं और समूह में ही तेंदूपत्ता तोड़ने या अन्य कार्यों के लिए निकलें। साथ ही जंगली जानवर दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।

फिलहाल घायल महिला का इलाज जारी है और वन विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि क्षेत्र में भालुओं की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं।

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