छतरपुर। जिले के बड़ामलहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंधवार में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। घर में बनी चने और उड़द की दाल खाने के बाद एक ही परिवार के छह सदस्य अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए। सभी को तेज उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। प्रभावित लोगों में तीन मासूम बच्चे भी शामिल हैं। फिलहाल सभी मरीजों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति चिकित्सकीय निगरानी में बताई जा रही है।
घटना के बाद पूरे गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि एक साथ परिवार के छह लोगों की तबीयत बिगड़ने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग भी मामले की जांच में जुट गया है और भोजन के नमूनों की जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
दाल खाने के कुछ देर बाद शुरू हुई परेशानी
परिजनों के अनुसार शनिवार रात परिवार के सभी सदस्यों ने घर पर बनी चने और उड़द की दाल का सेवन किया था। भोजन सामान्य रूप से किया गया और उस समय किसी को कोई समस्या महसूस नहीं हुई। लेकिन कुछ समय बाद परिवार के सदस्यों को जी मिचलाने, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई।

शुरुआत में परिजनों को लगा कि यह सामान्य समस्या होगी, लेकिन देखते ही देखते एक-एक कर सभी लोगों की हालत बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त की वजह से शरीर में पानी की कमी होने लगी और मरीज कमजोर पड़ने लगे। स्थिति गंभीर होते देख परिवार और पड़ोसियों ने तुरंत सभी को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
तीन बच्चों समेत छह लोग प्रभावित
फूड पॉइजनिंग की इस घटना में परिवार के छह सदस्य प्रभावित हुए हैं। बीमार लोगों में देशपाल सिंह बुंदेला (35), हीरा राजा (35), उमा राजा (40), अनन्या राजा (13), राज राजा (12) और गोलू राजा (10) शामिल हैं।
विशेष चिंता की बात यह रही कि प्रभावित लोगों में तीन नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। बच्चों की तबीयत बिगड़ने से परिवार के सदस्यों की चिंता और बढ़ गई।
बड़ामलहरा अस्पताल में चला उपचार
परिजनों ने सभी मरीजों को सबसे पहले बड़ामलहरा अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया और मरीजों को आवश्यक दवाइयां तथा ड्रिप लगाई गई। चिकित्सकों ने शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी को पूरा करने का प्रयास किया।

दिनभर चले उपचार के बावजूद मरीजों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। लगातार उल्टी-दस्त के कारण कई मरीजों में डिहाइड्रेशन की स्थिति बनने लगी। ऐसे में डॉक्टरों ने जोखिम लेने के बजाय सभी को बेहतर उपचार के लिए छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में जारी है इलाज
छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचने के बाद सभी मरीजों को भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मरीजों को आवश्यक दवाइयां, तरल पदार्थ और अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण स्थिति नियंत्रण में है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें कुछ समय तक निगरानी में रखा जाएगा।
फूड पॉइजनिंग की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग फूड पॉइजनिंग की आशंका जता रहा है। माना जा रहा है कि दाल या भोजन में किसी प्रकार की खराबी, दूषित सामग्री या बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई हो सकती है।
हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग भोजन के नमूनों की जांच कराने की तैयारी कर रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बीमारी की वजह क्या थी।
स्वास्थ्य विभाग करेगा जांच
घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि भोजन के नमूनों में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने भी मांग की है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच कराई जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सावधानी बरतने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में भोजन जल्दी खराब हो सकता है। लंबे समय तक खुले में रखा भोजन, दूषित पानी या साफ-सफाई की कमी फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकती है। इसलिए भोजन बनाने और परोसने के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
ग्राम बंधवार की यह घटना लोगों को खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दे रही है। समय पर उपचार मिलने से सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन यह मामला भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है।