देवरी की मुहली में शराब के खिलाफ महिलाओं का हल्ला बोल !

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देवरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुहली में इन दिनों महिलाएं एकजुट होकर अवैध शराब बिक्री के खिलाफ आंदोलन छेड़े हुए हैं। गांव में खुलेआम बिक रही शराब से परेशान महिलाओं ने अब सड़कों पर उतरकर विरोध जताया है। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण गांव का माहौल बिगड़ रहा है, परिवार बर्बाद हो रहे हैं और शाम ढलने के बाद महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

शराब पीकर मचा रहे हंगामा, महिलाओं की बढ़ी परेशानी

गांव की महिलाओं ने बताया कि शराब पीकर कुछ लोग रोजाना गलियों में हंगामा करते हैं। कई घरों में पुरुष शराब के नशे में पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। महिलाओं ने साफ कहा है — “अब हम चुप नहीं बैठेंगे, शराब का जहर गांव से खत्म करके रहेंगे।”

राम जानकी मंदिर से निकली महिलाओं की रैली

शुक्रवार को गांव की सैकड़ों महिलाएं राम जानकी मंदिर पर जमा हुईं। वहां से उन्होंने हाथों में तख्तियां और नारे लिखे बैनर लेकर एक जागरूकता रैली निकाली। रैली के दौरान महिलाओं ने “गांव में शराब बंद करो”, “शराब बेचने वालों को सजा दो” जैसे नारे लगाए।
महिलाओं का कहना है कि जब तक गांव से अवैध शराब की बिक्री बंद नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो शराब बेचने वालों का पुतला दहन किया जाएगा।

“शराब पीकर घर का अनाज बेच देते हैं” — अनीता सिंह राजपूत

गांव की निवासी अनीता सिंह राजपूत ने बताया कि “गांव में शराबियों का आतंक है। अब तो हालात ऐसे हो गए हैं कि बड़े-बुजुर्ग से लेकर युवा और किशोर भी शराब पी रहे हैं। कई घरों में लोग उधार में शराब लेकर पीते हैं और फिर घर का अनाज बेचकर उसका पैसा चुकाते हैं। शराब पीने के बाद औरतों पर हाथ उठाया जाता है। महिलाएं रोज हिंसा झेल रही हैं।”

स्कूल परिसर में भी शराब की बोतलें

महिलाओं ने यह भी बताया कि गांव के सरकारी स्कूल परिसर में रोजाना शराब की खाली बोतलें पड़ी रहती हैं। शिक्षक आते हैं तो पहले बोतलें साफ करवाते हैं, फिर कक्षाएं शुरू होती हैं। इससे बच्चों में भी गलत संदेश जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री पूरी तरह बंद की जाए, ताकि माहौल सुधर सके और बच्चे सुरक्षित रह सकें।

महिलाओं का संकल्प — “शराब मुक्त गांव बनाएंगे”

महिलाओं का कहना है कि अब वे पीछे नहीं हटेंगी। गांव की महिलाएं एकजुट होकर शराब के खिलाफ अभियान चला रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस और प्रशासन कार्रवाई नहीं करते, तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाएंगी और जिला मुख्यालय तक मार्च निकालेंगी।

गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं हुईं शामिल

इस दौरान मीरा राजपूत, निशा, रोशनी, बबली, सरोज रानी, अवध रानी, कमला रानी, बसंती, शिवरानी, निधि, मालती, रजनी, राधा रानी, ममता और संगीता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं रैली में शामिल रहीं। गांव के कई पुरुषों ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है।


मुहली गांव की यह पहल सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज में महिलाओं की जागरूकता और आत्मसम्मान की लड़ाई का प्रतीक है। ये महिलाएं अब शासन-प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद कर रही हैं, ताकि गांव से शराब का जहर हमेशा के लिए खत्म हो सके।

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