सागर। पुलिस विभाग में अनुशासन, निष्ठा और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करने वाले आरक्षक देवेंद्र कुमार सुमन ने अपने दृढ़ संकल्प और सतत अध्ययन से एक नई उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में वे यातायात थाना सागर में पदस्थ हैं और हाल ही में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित परीक्षा में सहायक प्राध्यापक (राजनीतिशास्त्र) पद पर चयनित हुए हैं। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत गौरव की प्रतीक है बल्कि सम्पूर्ण सागर पुलिस के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।

इस उल्लेखनीय सफलता पर उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) सागर जोन श्री शशिंद्र चौहान ने पुलिस कार्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित कर आरक्षक देवेंद्र सुमन का शॉल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर डीआईजी महोदय ने देवेंद्र सुमन को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि “कर्तव्य पालन के साथ उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन पुलिस बल की सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करता है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो व्यस्त ड्यूटी भी सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।”

डीआईजी चौहान ने आगे कहा कि सागर पुलिस के जवान न केवल कानून-व्यवस्था संभालने में सक्षम हैं, बल्कि शिक्षा और समाज निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। उन्होंने देवेंद्र सुमन को विभाग के लिए गौरव बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी सफलता से अन्य जवानों को भी नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी।

सम्मान समारोह के दौरान डीआईजी कार्यालय सागर की स्टेनो श्रीमती सुषमा सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने आरक्षक सुमन को बधाई दी और उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
आरक्षक देवेंद्र सुमन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पुलिस की ड्यूटी के साथ पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग, परिवार का समर्थन और स्वयं की दृढ़ इच्छा शक्ति ने इस कठिन राह को संभव बना दिया। उन्होंने कहा कि “मेरी सफलता सागर पुलिस के हर उस जवान को समर्पित है जो अपने कर्तव्य के साथ-साथ अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखता है।”

देवेंद्र सुमन की यह उपलब्धि पुलिस बल में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि ज्ञान और अनुशासन का संगम ही सच्ची प्रगति का मार्ग है। उनका यह कदम न केवल सागर पुलिस बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
इस अवसर पर डीआईजी महोदय ने कहा कि पुलिस विभाग में ऐसे प्रतिभाशाली अधिकारियों की उपलब्धियां समाज के लिए प्रेरणा बनती हैं। यह दिखाता है कि पुलिस सेवा केवल कानून पालन तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मविकास और समाज निर्माण की दिशा में भी अग्रसर है।