सागर जिले की देवरी विधानसभा में पटवारी और विधायक के बीच हुए विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है। एक ओर जहां पटवारी संघ ने विधायक बृजबिहारी पटेरिया पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज ने पटवारी पर जननायकों के अपमान, नशे में गाली-गलौज और मारपीट के गंभीर आरोप लगाते हुए उसे बर्खास्त करने की मांग की है। दोनों पक्षों द्वारा कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
लोक संस्कृति कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ विवाद
आदिवासी समाज के लोगों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि प्रदेश लोक संस्कृति विभाग के तत्वावधान में मध्यप्रदेश भर में आदिवासी जननायकों पर आधारित नाट्य रूपांतरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गौरझामर में 12 दिसंबर से तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

आदिवासी समाज का आरोप है कि कार्यक्रम के दूसरे दिन 12 दिसंबर को गौरझामर में पदस्थ पटवारी दुर्गेश चढ़ार नशे की हालत में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और आदिवासी समाज के जननायकों के खिलाफ आपत्तिजनक व अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया।
आपत्ति पर युवक से मारपीट, धमकी का आरोप
ज्ञापन में बताया गया कि जब स्वजातीय नीतेश गौंड ने पटवारी के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई, तो पटवारी ने उसके साथ गाली-गलौज की और कथित रूप से मारपीट भी की। साथ ही कार्यक्रम आगे न करने की धमकी दी गई, जिससे कलाकारों और समाजजनों में आक्रोश फैल गया।

विधायक को दी गई सूचना, थाने में शिकायत
घटना की जानकारी तत्काल क्षेत्रीय विधायक बृजबिहारी पटेरिया को फोन पर दी गई। इसके बाद गौरझामर थाना में शिकायती आवेदन भी दिया गया। आदिवासी समाज का कहना है कि इस घटना से उनके जननायकों का अपमान हुआ है, जिसे पूरा समाज अपना अपमान मानता है।
आदिवासी समाज की सख्त मांग, आंदोलन की चेतावनी
गुरुवार को देवरी विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी समाज के लोग भाजपा पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पटवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। समाज ने आरोपी पटवारी को “भ्रष्ट” बताते हुए उसे शासकीय सेवा से पृथक करने की मांग की।
आदिवासी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

भाजपा नेताओं का बयान, कांग्रेस पर आरोप
भाजपा नेता अनिल ढिमोले ने कहा कि पटवारी जनता की सेवा करने वाला कर्मचारी होता है, लेकिन उसके कृत्य से देवरी विधानसभा की बदनामी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी ने जननायकों के कार्यक्रम में नशे की हालत में कलाकारों से अभद्रता की और मारपीट की।
उन्होंने बताया कि जब विधायक बृजबिहारी पटेरिया मौके पर पहुंचे और पटवारी से बात की, तो वह बात करने की स्थिति में नहीं था। विधायक ने फटकार लगाकर उसे मौके से जाने को कहा। भाजपा नेताओं ने पूरे मामले में कांग्रेस पर राजनीतिक प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप भी लगाया।
पटवारी संघ का पलटवार, विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम से पहले 15 दिसंबर को पटवारी संघ ने भी कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था। संघ का आरोप है कि 13 दिसंबर को गौरझामर मौजा के पटवारी दुर्गेश चढ़ार को अनुविभागीय अधिकारी के मौखिक आदेश पर आदिम जाति विभाग के जननायक सांस्कृतिक कार्यक्रम में ड्यूटी पर तैनात किया गया था।
संघ के अनुसार, रात में कार्यक्रम के दौरान विवाद की सूचना मिलने पर पटवारी को थाना गौरझामर भेजा गया, जहां कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद देवरी विधायक बृजबिहारी पटेरिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और पटवारी को बुलवाया।
पटवारी संघ का आरोप है कि विधायक ने पटवारी के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की। इसी आधार पर संघ ने विधायक पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन की भूमिका पर टिकी निगाहें
फिलहाल यह मामला प्रशासन और पुलिस दोनों के संज्ञान में है। एक ओर आदिवासी समाज पटवारी की बर्खास्तगी की मांग पर अड़ा है, वहीं दूसरी ओर पटवारी संघ विधायक पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। दो विपरीत ज्ञापनों के बीच प्रशासन के लिए निष्पक्ष जांच और संतुलित निर्णय बड़ी चुनौती बन गया है।
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि इस संवेदनशील मामले में किस पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं।