बीना क्षेत्र के ग्राम कनखर में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में किसान की जान चली गई। खेत में करंट फैलने से 55 वर्षीय किसान मुन्ना लाल लोधी की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, बाद में अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फसल को पानी देते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कनखर निवासी मुन्ना लाल पिता बाबूलाल लोधी शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे अपने खेत में फसल की सिंचाई कर रहे थे। खेत से होकर पड़ोसी किसान धीरज लोधी के खेत की बिजली लाइन गुजर रही थी। बताया गया है कि यह बिजली लाइन काफी समय से क्षतिग्रस्त थी और उसमें कट लगा हुआ था।

इसी कटे हुए तार के संपर्क में आने से खेत में करंट फैल गया। जैसे ही मुन्ना लाल लोधी सिंचाई के दौरान उस स्थान के पास पहुंचे, वे करंट की चपेट में आ गए और खेत में ही गिर पड़े।
भाई ने देखा अचेत अवस्था में
घटना के समय मृतक के बड़े भाई जवाहर लोधी खेत से घर की ओर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने मुन्ना लाल को खेत में अचेत अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। तत्काल आसपास के लोगों की मदद से बिजली आपूर्ति बंद करवाई गई, ताकि कोई और हादसा न हो सके।
इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और घायल मुन्ना लाल को तत्काल मोटरसाइकिल से बीना सिविल अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में मृत घोषित
बीना सिविल अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मुन्ना लाल लोधी की जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने कायम किया मर्ग, जांच जारी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर मर्ग कायम किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खेत में फैले करंट की वजह बिजली लाइन में लगा कट था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद खेतों से गुजर रही जर्जर बिजली लाइनों और उनकी नियमित जांच न होने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली लाइन की मरम्मत कराई गई होती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था।
फिलहाल प्रशासन और बिजली विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए खेतों से गुजर रही बिजली लाइनों की जांच और सुधार कार्य कराया जाए।