कोरोना संक्रमण के दौरान धारा 144 लागू रहने के बीच मशाल रैली निकालने के मामले में दर्ज केस में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, पार्षद राजू भदौरिया सहित सभी सात नेताओं को कोर्ट ने बरी कर दिया है। यह केस परदेशीपुरा पुलिस ने 2020 में दर्ज किया था।
प्रथम श्रेणी एवं विशेष न्यायाधीश देव कुमार (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को अपर्याप्त मानते हुए पूरा मामला खारिज कर दिया। कांग्रेस नेताओं की ओर से एडवोकेट जय हार्डिया ने पैरवी की।
एडवोकेट हार्डिया के अनुसार, पुलिस ने न केवल प्रकरण क्रमांक गलत लिखा, बल्कि केस दर्ज करते समय कई procedural त्रुटियाँ भी कीं। धारा 188 के प्रावधान के तहत कार्रवाई से पहले एसडीएम के समक्ष प्राइवेट कंप्लेंट की आवश्यकता होती है, जो पुलिस ने नहीं की। इसके अलावा, गवाहों को लेकर भी पुलिस कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश नहीं कर सकी।
इन सभी कमियों को देखते हुए कोर्ट ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए पूरी तरह बरी कर दिया।

भाजपा कार्यालय में जामवाल की महत्वपूर्ण बैठक
इधर, भाजपा कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बन चुकी है, ऐसे में कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पार्टी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा लोकप्रिय नेतृत्व मिला है, इसलिए कार्यकर्ताओं को संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा।
बैठक में आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा भी हुई।