सागर। शिक्षा को बढ़ावा देने और श्रमिक परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए “शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता (छात्रवृत्ति) योजना” के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना के माध्यम से बीड़ी श्रमिकों, चूना पत्थर एवं डोलोमाइट खदान श्रमिकों तथा लौह, मैंगनीज और अन्य खनन क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। पात्र विद्यार्थियों को उनकी कक्षा और अध्ययन स्तर के अनुसार एक हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है, ताकि वे आर्थिक अभाव के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें। इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ कक्षा 1 से लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे पात्र छात्र-छात्राएं प्राप्त कर सकते हैं।
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जून 2026 से राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर प्रारंभ हो चुकी है। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जबकि पश्चात-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन 31 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकेंगे। विद्यार्थियों और अभिभावकों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेजी समस्या के कारण वे योजना के लाभ से वंचित न रहें।
इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया में ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) और फेस ऑथेंटिकेशन को अनिवार्य किया गया है। विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर अपना पंजीयन कराना होगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फेस ऑथेंटिकेशन पूर्ण करना होगा। इसके बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट एवं पठनीय प्रतियां ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। दस्तावेजों में किसी प्रकार की त्रुटि या अस्पष्ट जानकारी होने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को आवेदन भरते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ऑनलाइन आवेदन जमा करने के बाद विद्यार्थियों को अपने संबंधित विद्यालय या महाविद्यालय से संपर्क कर आवेदन का सत्यापन कराना होगा। शिक्षण संस्थान द्वारा पोर्टल पर सत्यापित नहीं किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विभाग ने कहा है कि सत्यापन प्रक्रिया छात्रवृत्ति स्वीकृति का महत्वपूर्ण चरण है, इसलिए छात्र आवेदन करने के बाद इसकी नियमित निगरानी करें।
छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि विद्यार्थियों की कक्षा और अध्ययन स्तर के अनुसार निर्धारित की गई है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि उच्च माध्यमिक, स्नातक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अधिक राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे श्रमिक परिवारों पर शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। कई बार आर्थिक तंगी के कारण मेधावी छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते, ऐसे में छात्रवृत्ति उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर प्रदान करती है।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आय संबंधी शर्तें एवं अन्य विस्तृत जानकारी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर उपलब्ध है। विद्यार्थी आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों का अध्ययन अवश्य करें ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
यदि किसी विद्यार्थी को आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी या अन्य प्रकार की समस्या आती है तो वह जबलपुर मुख्यालय एवं कल्याण प्रशासक कार्यालय इंदौर से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा मध्यप्रदेश परिक्षेत्र में संचालित निकटतम औषधालयों तथा केंद्रीय चिकित्सालय सागर में भी व्यक्तिगत रूप से आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाएं न केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित भी करती हैं। इसलिए पात्र विद्यार्थियों को समय रहते आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाना चाहिए।
विभाग ने सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और अभिभावकों से अपील की है कि वे पात्र विद्यार्थियों को योजना की जानकारी दें और उन्हें आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।