ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में एक ऐसी चोरी का खुलासा हुआ है, जिसने पड़ोसी रिश्तों में भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवती ने अपनी ही पड़ोसन की मजबूरी का फायदा उठाते हुए अस्पताल छोड़ने का बहाना बनाया और पीछे से अपने नाबालिग भाई के जरिए घर में लाखों रुपए के जेवर और नकदी चोरी करवा दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग आरोपी को हिरासत में लेकर चोरी का खुलासा कर दिया है, जबकि वारदात की मास्टरमाइंड युवती फरार है।
जानकारी के अनुसार पुरानी छावनी क्षेत्र के पंडित मोहल्ला निवासी सुरेखा सिकरवार के परिवार में उस समय चिंता का माहौल था, जब उनका नाती बीमार होकर ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में भर्ती था। 4 जून 2026 की सुबह सुरेखा अपने नाती के लिए खाना लेकर अस्पताल जाने की तैयारी कर रही थीं। घर में ताला लगाकर जैसे ही वह बाहर निकलीं, तभी उनकी पड़ोसन सेजल सिकरवार स्कूटी लेकर वहां पहुंची और उन्हें अस्पताल छोड़ने का प्रस्ताव दिया।
सुरेखा को लगा कि पड़ोसन उनकी मदद करना चाहती है, इसलिए वह उसके साथ अस्पताल चली गईं। अस्पताल पहुंचने के बाद भी सेजल कुछ समय तक उनके साथ रही, जिससे सुरेखा को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इसके बाद वह घर लौटने की बात कहकर वहां से चली गई। लेकिन सुरेखा को यह अंदाजा नहीं था कि यह पूरी मदद एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।

दिनभर अस्पताल में रहने के बाद शाम करीब सात बजे जब सुरेखा घर लौटीं, तब उनके पति रामदास सिकरवार ने भैंस के लिए दाना खरीदने के लिए पैसे मांगे। सुरेखा जब कमरे में रखे बक्से से रुपए निकालने पहुंचीं तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बक्से में रखा पर्स खुला हुआ था और उसमें रखे कीमती जेवर तथा नकदी गायब थी।
चोर घर से 25 हजार रुपए नकद, दो जोड़ी चांदी की पायल, चांदी की करधौनी, सोने की झुमकी, सोने की अंगूठी, दो मंगलसूत्र और एक सोने का ओम लॉकेट लेकर फरार हो गए थे। अचानक हुई इस चोरी से परिवार में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
जांच के दौरान सुरेखा ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाली सेजल पिछले कई दिनों से उनके घर आ-जा रही थी। वह अक्सर घर के सामान और जेवरों के बारे में जानकारी लेती रहती थी। इतना ही नहीं, उसने उनकी बहू शिवानी के गहनों के बारे में भी कई बार पूछताछ की थी। इसी वजह से परिवार को शुरुआत से ही उस पर संदेह था।
पुलिस ने जब मामले की बारीकी से जांच शुरू की तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि सेजल ने पिछले तीन दिनों तक घर की गतिविधियों की रेकी की थी। उसे पता था कि घर के लोग कब बाहर जाते हैं और कीमती सामान कहां रखा हुआ है। योजना के अनुसार उसने सुरेखा को अस्पताल पहुंचाकर घर से दूर रखा, जबकि उसका नाबालिग भाई छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ और चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने संदेह के आधार पर नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरा सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि चोरी उसकी बहन सेजल की योजना के तहत की गई थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया अधिकांश सामान भी बरामद कर लिया।
इधर, जैसे ही सेजल को अपने भाई के पकड़े जाने की जानकारी मिली, वह स्कूटी लेकर फरार हो गई। पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार सेजल पहले भी एक फर्जी लूटकांड में शामिल रह चुकी है। बहोड़ापुर क्षेत्र में उसने अपने ही पांच लाख रुपए के जेवर अपने नाबालिग भाई और उसके दोस्त से लुटवाकर झूठी लूट की कहानी गढ़ी थी। उस मामले में भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी साजिश का खुलासा हुआ था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सेजल ऑनलाइन गेमिंग की आदी है और इस आदत के कारण उस पर काफी कर्ज हो गया था। आर्थिक दबाव और कर्ज चुकाने की मजबूरी में वह लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रही थी।
पुरानी छावनी थाना पुलिस ने सेजल सिकरवार और उसके नाबालिग भाई के खिलाफ चोरी और घर में अनधिकृत प्रवेश सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि चोरी का अधिकांश सामान बरामद कर लिया गया है तथा फरार आरोपी युवती की तलाश जारी है।
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि अपराधी अब रिश्तों और विश्वास का भी फायदा उठाने से नहीं चूक रहे हैं। जिस पड़ोसन पर परिवार भरोसा करता था, उसी ने उनकी मजबूरी को अवसर बनाकर घर में चोरी की साजिश रच डाली। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद और भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।