जबलपुर के आधारताल क्षेत्र से सामने आई पति-पत्नी की मौत की यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। पहले एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई और उसके दो दिन बाद उसके पति ने भी आत्महत्या कर ली। मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि दोनों घटनाओं का प्रत्यक्षदर्शी उनका आठ वर्षीय बेटा है, जिसने पुलिस को जो जानकारी दी है, उसने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस अब बच्चे के बयान, सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, आधारताल क्षेत्र में रहने वाली नेहा सिंह और उनके पति मयंक के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। दोनों की शादी वर्ष 2024 में हुई थी। नेहा के पहले पति की मृत्यु हो चुकी थी और उनके पहले विवाह से एक आठ वर्षीय बेटा भी था। एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान नेहा और मयंक की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति से विवाह कर लिया था और जबलपुर में किराए के मकान में रहने लगे थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा था। जनवरी 2025 में विजय नगर क्षेत्र के एक स्पा सेंटर पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान नेहा का नाम सामने आया था। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद और अधिक बढ़ गया। बताया जाता है कि मयंक नहीं चाहता था कि नेहा स्पा सेंटर में काम करे, जबकि नेहा आर्थिक कारणों से नौकरी जारी रखना चाहती थी।

विवाद बढ़ने के बाद अप्रैल 2025 में नेहा इंदौर चली गई थी, जहां वह काम कर रही थी। हालांकि वह हर 15 से 20 दिन में अपने बेटे से मिलने जबलपुर आती रहती थी और परिवार की आर्थिक सहायता भी करती थी। 30 मई को वह फिर जबलपुर आई थी। इसी दौरान 3 जून की रात पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला दुखद अंत तक पहुंच गया।
पुलिस को दिए बयान में आठ वर्षीय बेटे ने बताया कि उस रात उसके माता-पिता के बीच तीखी बहस हो रही थी। विवाद के दौरान मयंक ने कथित रूप से चाकू उठा लिया था। इस पर नेहा ने कहा कि उसे चाकू से मारने की जरूरत नहीं है, वह खुद ही फांसी लगाकर जान दे देगी। बच्चे के अनुसार, इसके बाद मयंक ने कमरे में फंदा तैयार किया।
बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां टेबल पर खड़ी हुई और फंदा गले में डाल लिया। इसी दौरान मयंक ने टेबल को धक्का दे दिया, जिससे नेहा फंदे पर लटक गई। कुछ समय बाद मयंक ने रस्सी काटकर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्चे के इस बयान ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है और पुलिस अब मौत की परिस्थितियों की विस्तार से जांच कर रही है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि घटना के बाद पूरी रात नेहा का शव घर में ही पड़ा रहा। बच्चे ने जब अपनी मां के बारे में पूछा तो मयंक ने उसे बताया कि उसकी मां आराम कर रही है। इसके बाद वह बेटे को लेकर दूसरे कमरे में सो गया। अगले दिन भी उसने किसी को घटना की जानकारी नहीं दी और बेटे को अपने साथ रखा।
पुलिस के अनुसार, 5 जून को मयंक अपने बेटे को बहन के घर छोड़कर चला गया। इसके बाद वह जीसीएफ परिसर के एक खंडहरनुमा इलाके में पहुंचा, जहां उसने आत्महत्या की योजना बनाई। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट और पत्नी के खिलाफ लिखा गया एक आवेदन भी मिला है। बताया जा रहा है कि यह आवेदन वह पुलिस को देने वाला था।

सुसाइड नोट में मयंक ने पत्नी की मौत के लिए स्वयं को जिम्मेदार बताया है। उसने लिखा है कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और अब उसे अपने किए पर पछतावा है। नोट में उसने अपनी सास और साली पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
शनिवार को जीसीएफ के खंडहर में मयंक का शव फंदे पर लटका मिला। उसने दीवार में कील गाड़कर तार की मदद से फंदा बनाया था और आत्महत्या कर ली थी। सुरक्षा गार्ड की नजर पहले उस पर पड़ी थी, लेकिन वह वहां से निकल गया था। बाद में उसी स्थान पर उसका शव बरामद हुआ।
रांझी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। बच्चे के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और सुसाइड नोट का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नेहा की मौत आत्महत्या थी या फिर परिस्थितियां किसी अन्य अपराध की ओर संकेत कर रही हैं।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दुखद पहलू वह मासूम बच्चा है, जिसने कुछ ही दिनों के भीतर अपनी मां और पिता दोनों को खो दिया। पुलिस और परिजन अब उसकी काउंसलिंग और देखभाल पर भी ध्यान दे रहे हैं। यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि रिश्तों में बढ़ते तनाव, संवादहीनता और मानसिक दबाव के गंभीर परिणामों की ओर भी इशारा करता है।