रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने एक बड़े अनैतिक देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश किया है। नामली थाना क्षेत्र के पंचेड़ रोड स्थित तुलसी वाटर पार्क में संचालित एक अवैध स्पा सेंटर पर पुलिस की छापेमार कार्रवाई के दौरान थाईलैंड की तीन युवतियों को बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था और ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जाते थे। पुलिस ने मामले में स्पा संचालक, स्पा मैनेजर और वाटर पार्क मैनेजर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि तुलसी वाटर पार्क परिसर में संचालित स्पा सेंटर में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने पहले गोपनीय जांच शुरू की। जानकारी की पुष्टि होने के बाद महिला पुलिस अधिकारियों की टीम ने ग्राहक बनकर स्पा सेंटर में प्रवेश किया। जब अवैध गतिविधियों की पुष्टि हो गई तो तत्काल दबिश देकर कार्रवाई की गई।
छापे के दौरान पुलिस को स्पा सेंटर के कमरों में थाईलैंड की तीन युवतियां मिलीं। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस ने मौके से वाटर पार्क मैनेजर दिलीप सिंह, स्पा सेंटर संचालक नरेश चौहान और स्पा सेंटर मैनेजर भरत मेवाड़ा को हिरासत में लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि वाटर पार्क परिसर में संचालित स्पा सेंटर के पास कोई वैध लाइसेंस या पंजीकरण नहीं था। इसके बावजूद वहां लंबे समय से गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। पुलिस के अनुसार स्पा सेंटर पूरी तरह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था और इसी की आड़ में अनैतिक कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थाईलैंड की युवतियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनसे देह व्यापार कराया जाता था। चूंकि युवतियों को हिंदी भाषा की जानकारी नहीं थी, इसलिए पुलिस ने मोबाइल ट्रांसलेटर की सहायता से उनसे बातचीत की। पूछताछ में युवतियों ने बताया कि बाहर से आने वाले ग्राहकों से तय शुल्क के अलावा अतिरिक्त रकम भी वसूली जाती थी। इस पूरे नेटवर्क के संचालन में स्पा सेंटर संचालक, मैनेजर और वाटर पार्क प्रबंधन के कुछ लोग सहयोग कर रहे थे।
पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसके तार अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर उनकी कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि स्पा सेंटर में आने वाले ग्राहकों की संख्या कितनी थी और इस अवैध कारोबार से कितनी कमाई की जा रही थी।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि थाईलैंड की तीनों युवतियां करीब एक से डेढ़ माह पहले रतलाम पहुंची थीं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें भारत कौन लेकर आया, रतलाम तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही और उन्हें इस स्पा सेंटर तक किसने पहुंचाया। विदेशी नागरिकों के ठहरने संबंधी नियमों के अनुसार स्थानीय पुलिस को निर्धारित समय सीमा में सूचना देना अनिवार्य होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

पुलिस ने इस मामले में अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ विदेशी नागरिकों और आप्रवास संबंधी कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जांच के दायरे में वाटर पार्क के वास्तविक मालिक को भी शामिल किया गया है। हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा है कि विदेशी नागरिकों के ठहरने और उनकी गतिविधियों की जानकारी समय पर पुलिस को नहीं मिलने के मामले में संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि तीनों विदेशी युवतियों को फिलहाल वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया है और उनके वीजा, पासपोर्ट तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित दूतावास से भी संपर्क किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद जिले में संचालित अन्य स्पा सेंटरों और रिसॉर्ट्स की भी जांच की संभावना बढ़ गई है। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो यह अवैध कारोबार और अधिक फैल सकता था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मनोरंजन और स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में चल रहे कुछ प्रतिष्ठानों में किस प्रकार अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।