कहते हैं, जब कठिन समय में सही सहयोग मिल जाए, तो जिंदगी फिर से मुस्कुराने लगती है। ऐसा ही हुआ नगर परिषद बंडा क्षेत्र की निवासी कमला बाई प्रजापति के साथ, जिन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Yojana) के माध्यम से न केवल अपनी खोई आजीविका वापस पाई बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल भी कायम की।

कमला बाई का परिवार पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। लेकिन समय के साथ आर्थिक संकट गहराने लगा, ग्राहकों की कमी और संसाधनों की तंगी के कारण परिवार का भरण-पोषण कठिन हो गया था। हालात इतने बिगड़े कि रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया।
इसी बीच नगर परिषद बंडा द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी देने के लिए की गई मुनादी के माध्यम से कमला बाई को इस योजना के बारे में पता चला। उन्होंने तुरंत आवेदन किया और स्टेट बैंक बंडा से पहले ₹10,000 का ऋण प्राप्त किया। योजना के पहले चरण में सफल पुनर्भुगतान के बाद उन्हें दूसरे चरण में ₹20,000 का ऋण भी स्वीकृत हुआ, जिसकी मासिक किश्त मात्र ₹1250 है।
इस आर्थिक सहायता ने उनकी जिंदगी बदल दी। कमला बाई ने अपने पारंपरिक मिट्टी के बर्तन बनाने का काम फिर से शुरू किया और आज उनका व्यवसाय पहले से कहीं बेहतर चल रहा है। अब उनके बर्तन न केवल स्थानीय बाजार में बिकते हैं, बल्कि आस-पास के ग्रामीण इलाकों से भी ग्राहक उनकी दुकान पर आते हैं।
कमला बाई बताती हैं — “पहले जीवन बहुत कठिन था, लेकिन पीएम स्वनिधि योजना ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा किया। अब मेरे बच्चे अच्छी तरह पढ़ाई कर रहे हैं, घर का खर्च मैं खुद उठाती हूं। यह योजना हमारे जैसे छोटे व्यवसायियों के लिए वरदान साबित हुई है।”
उन्होंने आगे कहा — “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की आभारी हूं जिन्होंने ऐसी योजना बनाई जिससे हम जैसे गरीबों का जीवन सुधर गया। शासन की ऋण योजनाओं से मेरा जीवन पहले से बेहतर हुआ है।”
योजना से जुड़ने के बाद कमला बाई को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ भी मिला, जिससे उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा का भरोसा प्राप्त हुआ।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उद्देश्य देशभर के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। कोविड-19 महामारी के दौरान जब इस वर्ग की आजीविका पर गहरा असर पड़ा, तब केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी ताकि वे फिर से अपने व्यवसाय को खड़ा कर सकें।
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को किफायती कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है, साथ ही 7% ब्याज सब्सिडी और डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक का लाभ भी दिया जाता है। आवेदन ऑनलाइन या निकटतम बैंक के माध्यम से किया जा सकता है।
कमला बाई जैसी अनेक महिलाओं की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि यदि सरकारी योजनाओं की जानकारी और सही मार्गदर्शन समय पर मिले, तो समाज का हर वर्ग आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हो सकता है।