सागर जिले में भीषण गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति और जल प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। Pratibha Pal द्वारा प्रतिदिन पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए कि पेयजल जैसी संवेदनशील व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बैठक में अनुपस्थित रहने पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी खुरई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा, क्योंकि गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति आमजन से सीधे जुड़ा हुआ मुद्दा है।
बैठक में जल निगम द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जहां भी पाइपलाइन डालने या मरम्मत का कार्य किया गया है, वहां पाइपलाइन रेस्टोरेशन का काम शीघ्र पूरा किया जाए ताकि आमजन को असुविधा न हो। उन्होंने अधिकारियों को ज्वाइंट विजिट कर बंद पड़ी पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करने और उन्हें तत्काल शुरू कराने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने बिजली विभाग यानी एमपीईबी को भी कड़ी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित स्थानों पर बिजली कनेक्शन और विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए ताकि जलापूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सके।
बैठक में सागर जिले सहित विभिन्न विकासखंडों में संचालित नल-जल योजनाओं की स्थिति और वहां आने वाली समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों और जल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वय बनाकर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में बंडा डूब क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र में विस्थापन का कार्य जारी है, इसलिए वहां पेयजल आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पानी लोगों की सबसे बुनियादी जरूरत है और विस्थापन जैसी परिस्थितियों में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज पेयजल संबंधी शिकायतों को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संकट से जुड़ी शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए सभी विभाग अलर्ट मोड में कार्य करें। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में लगातार निगरानी रखने और समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक केवी, सिटी मजिस्ट्रेट गगन बिसेन, जल निगम एवं पीएचई विभाग के अधिकारी, विभिन्न नगरीय निकायों के सीएमओ तथा जनपद पंचायतों के सीईओ उपस्थित रहे।