सागर में बाल श्रम और बंधक श्रम के उन्मूलन को लेकर श्रम विभाग द्वारा होटल वरदान में संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986, संशोधित अधिनियम 2016-17 तथा बंधित श्रम पद्धति (उत्सादन) अधिनियम 1976 के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन श्रम न्यायालय के न्यायाधीश विनायक गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अविनाश रावत और बाल संरक्षण समिति सागर के अध्यक्ष किरण शर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बाल श्रम और बंधक श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यशाला में यूनिसेफ भोपाल कार्यालय के विषय विशेषज्ञ गोविंद बेनीवाल ने पहले सत्र में बाल श्रम और बंधक श्रम से जुड़े कानूनी प्रावधानों, चुनौतियों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। दूसरे सत्र में संभाग के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों के साथ मिलकर जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार की गई, ताकि जमीनी स्तर पर इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

कार्यशाला के समापन पर प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया। अंत में श्रीमती ज्योति पाण्डेय दुबे ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में जिला स्तरीय टास्क फोर्स, जिला सतर्कता समिति, भारतीय मजदूर संघ, महिला एवं बाल विकास विभाग, विशेष किशोर पुलिस इकाई, जन साहस एनजीओ, कृषक सेवा संघ एनजीओ सहित संभाग के सभी जिलों के श्रम अधिकारी और निरीक्षक मौजूद रहे। इस कार्यशाला का उद्देश्य बाल श्रम और बंधक श्रम के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।