सागर जिले में 7 अप्रैल से शुरू होने जा रहे रबी उपार्जन को सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर संदीप जी.आर. ने बताया कि जिले के सभी 176 उपार्जन केंद्रों पर 1 अप्रैल को मॉक रन आयोजित किया जाएगा, जिसमें किसान संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इस मॉक रन के दौरान उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी, ताकि किसानों को उपार्जन के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी उपार्जन केंद्रों पर पेयजल, शौचालय और धूप से बचाव के लिए शेड की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसानों को जानकारी देने के लिए केंद्रों पर आवश्यक सूचनात्मक फ्लेक्स भी लगाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मॉक रन से पहले सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।

कलेक्टर ने बताया कि शासन द्वारा रबी उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था उपार्जन शुरू होने से लगभग 10 दिन पहले प्रारंभ की जाएगी। किसानों से अपील की गई है कि वे स्लॉट बुकिंग कर निर्धारित तिथि पर ही अपना अनाज उपार्जन केंद्र पर लेकर आएं, जिससे व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
किसान संगठनों से किया संवाद
कलेक्टर संदीप जी.आर. ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान किसान संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज सिंह ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि रबी उपार्जन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए किसान संगठनों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने पदाधिकारियों से उपार्जन केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण करने की भी अपील की।
नरवाई प्रबंधन पर जोर

बैठक में कलेक्टर ने नरवाई प्रबंधन को लेकर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने किसान संगठनों से कहा कि वे किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक करें। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारी और किसान संगठनों के पदाधिकारी मिलकर जिले में जनजागरूकता अभियान चलाएं। साथ ही हार्वेस्टर संचालकों से भी संवाद कर उन्हें नरवाई न जलाने के लिए प्रेरित किया जाए।
कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि इसके बावजूद कोई किसान नरवाई जलाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल पुलिस कार्रवाई और आर्थिक दंड की प्रक्रिया की जाएगी।

किसान संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज सिंह ठाकुर ने कलेक्टर की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि मॉक रन जैसी व्यवस्था से किसानों को उपार्जन केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित बनेगी।