बीना ब्लॉक के एकीकृत शासकीय माध्यमिक स्कूल ढांड में बच्चों को थाली में खाना न देकर हाथों में भोजन दिए जाने की खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है। दैनिक भास्कर डिजिटल द्वारा स्कूल की स्थिति कैमरे में कैद करने के बाद शनिवार को जनपद शिक्षा केंद्र की टीम स्कूल पहुंची और बच्चों को थालियों में खाना परोसना शुरू करवाया।
जांच में उजागर हुई प्रधानाध्यापक की लापरवाही
जांच में यह सामने आया कि प्रधानाध्यापक शिव मोहन माथुर द्वारा किए गए कई दावे झूठे थे। उन्होंने कहा था कि थालियों की कमी की शिकायत उन्होंने अधिकारियों से की है, लेकिन रिकॉर्ड में ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली। उलटे, अगस्त 2025 में निरीक्षण टीम ने पहले ही खाने की खराब गुणवत्ता और थाली न मिलने की बात लिखित में दर्ज की थी, जिस पर प्रधानाध्यापक ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा बच्चों के भोजन वितरण का रिकॉर्ड भी अधूरा पाया गया।

बच्चों को अब थाली में भोजन
जांच के दौरान स्कूल में बच्चों को नियमित रूप से पुड़ी-सब्जी थाली में परोसी गई। जनपद शिक्षा केंद्र की टीम ने समूह संचालक को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
प्रधानाध्यापक की अवैध छुट्टी
जांच में यह भी सामने आया कि प्रधानाध्यापक 4 से 15 फरवरी तक छुट्टी पर थे, जबकि उनका अवकाश किसी भी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मंजूर नहीं हुआ था। बिना अनुमति स्कूल से अनुपस्थित रहने और अव्यवस्था की वजह से प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

प्रशासन की चेतावनी और आगामी कार्रवाई
बीएसी असलम खान ने बताया कि प्रधानाध्यापक की लापरवाही सीधे तौर पर बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन और संस्था में अनुशासनहीनता को दर्शाती है। नोटिस के जवाब के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दंडात्मक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया कि बच्चों के पोषण और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन सख्त रवैया अपनाने को तैयार है, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।