मध्य प्रदेश सरकार अगले वित्तीय वर्ष में अपने पर्यटन स्थलों के विकास के लिए बड़ी रणनीति लागू करने जा रही है। अब खजुराहो कन्वेंशन सेंटर, पचमढ़ी गोल्फ कोर्स, उज्जैन के होटल और इंदौर की प्रमुख संपत्तियों सहित लगभग 8 से 10 बड़ी पर्यटन परिसंपत्तियों को निजी समूहों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत दिया जाएगा।
उद्देश्य: सरकारी निवेश का बोझ घटाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं
सरकार का मकसद है कि निजी पूंजी और संचालन दक्षता से पर्यटन परिसंपत्तियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए। लीज की बजाय पीपीपी मॉडल में सरकार इन संपत्तियों के राजस्व में साझेदार बनेगी, जिससे लंबे समय में अधिक आय सुनिश्चित होगी।
भोपाल के लेक व्यू होटल को हाल ही में निजी समूह को सौंपा गया। पहले साल से कम से कम 3 करोड़ रुपए, और तीन साल में परिचालन शुरू होते ही न्यूनतम 10 करोड़ रुपए की आय होने की उम्मीद है। इसके अलावा हयात, हिल्टन और हॉलिडे इन जैसे बड़े ब्रांड भोपाल में स्थानीय भागीदारों के साथ नए प्रोजेक्ट विकसित कर रहे हैं।
पीपीपी मॉडल के तहत संपत्तियों का विवरण
1. खजुराहो – कन्वेंशन टूरिज्म:
राजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर (2019-21 में निर्मित) को पीपीपी मोड पर दिया जाएगा। इसमें 1,200 लोगों की बैठने की क्षमता, 500 वाहनों की पार्किंग, मीटिंग हॉल और सेमिनार रूम हैं। इसके साथ लगी 4-5 एकड़ जमीन पर निवेशक होटल विकसित कर सकेंगे। इसे आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में भी निवेशकों को पेश किया जाएगा।

2. पचमढ़ी – गोल्फ और एडवेंचर टूरिज्म:
1927 में रोमन कैथोलिक मिशन द्वारा बनाए गए 9 होल गोल्फ कोर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर की 18-होल सुविधा में बदला जाएगा। 2007 में इसे हेरिटेज हिल रिसोर्ट में परिवर्तित किया गया था। टेंडर प्रक्रिया जारी है। इससे जुड़ा क्लब व्यू प्रॉपर्टी और आर्मी क्लब भी निवेशकों को सौंपा जाएगा। इस प्रोजेक्ट से हाई-एंड पर्यटन और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
3. उज्जैन – छोटे होटल बनेंगे बड़े ब्रांड:
महाकाल लोक के बाद उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। अवंतिका और ग्रैंड होटल जैसे 15-16 कमरे वाले छोटे ढांचे को पर्यटन निगम आधुनिक और बड़े होटल में बदलने की योजना बना रहा है। निजी निवेश से कमरे और कॉन्फ्रेंस सुविधाएं बढ़ेंगी।
4. इंदौर – 5 एकड़ भूमि में होटल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट:
कृषि कॉलेज के पास पर्यटन विभाग ने 5 एकड़ जमीन प्राप्त की है। आसपास रिहायशी बस्तियां हैं, जहां होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की योजना बनाई जा रही है।
5. शहड़ोल – सरसी आइलैंड और एडवेंचर हब:
शहड़ोल के ब्योहारी में स्थित सरसी आइलैंड को जोड़कर निवेशक को दिया जाएगा। पहले चरण में बने 10 कमरे भी निवेशक को मिलेंगे। पूरे प्रोजेक्ट को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
रणनीति और निवेशकों को सुरक्षा
पर्यटन विभाग अब खुद होटल या अधोसंरचना निर्माण में पूंजी नहीं लगाएगा। पीपीपी मॉडल के तहत निजी क्षेत्र से निवेश और संचालन दक्षता लाकर पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। लीज अवधि को पहले 30 साल से बढ़ाकर 60 और 90 साल किया गया है, ताकि निवेशकों को लंबी अवधि की सुरक्षा मिले और वे बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित हों।
अपेक्षित लाभ
सरकार की योजना के अनुसार, नए मॉडल से न केवल पर्यटन स्थलों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि अतिरिक्त जमीन और प्रोजेक्ट विस्तार से सरकार को अधिक राजस्व भी प्राप्त होगा। यह कदम मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।