अनमोल मिश्रा | सतना।
भगवान श्रीराम सहित अन्य देवी-देवताओं को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में जसो थाना पुलिस ने आरोपी छात्र अरुणेश कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी आरजीपीवी (राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) का छात्र है, जिसे विवाद सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन द्वारा पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
यह मामला जसो थाना क्षेत्र के ग्राम उमरिहा का है, जहां रहने वाले अरुणेश कुशवाहा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में आरोपी हाथ में चाकू लिए हुए भगवान श्रीराम और माता सीता के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और हिंदू संगठनों सहित स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कई जिलों में दी दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जसो थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। आरोपी की तलाश में आसपास के जिलों में दबिश दी गई। पुलिस की तत्परता के चलते आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।
न्यायालय ले जाते समय बदला रुख
पुलिस द्वारा न्यायालय ले जाते समय आरोपी अरुणेश कुशवाहा ने “जय श्रीराम” के नारे लगाए और अपने कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। आरोपी ने यह भी कहा कि घटना के समय उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके चलते उसने ऐसा कृत्य किया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी के बयान और मानसिक स्थिति की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
कॉलेज प्रबंधन ने किया निलंबित
विवाद बढ़ने के बाद आरजीपीवी प्रबंधन ने भी आरोपी छात्र के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उसे कॉलेज से सस्पेंड कर दिया था। प्रबंधन का कहना है कि इस तरह के कृत्य से संस्थान की छवि धूमिल होती है और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने, सार्वजनिक शांति भंग करने और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है और वीडियो के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि किसी भी धर्म, देवी-देवता या आस्था के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।