भीषण गर्मी में महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को राहत: 13 हजार वर्गफीट में बना “हीट प्रूफ पाथ-वे”, नंगे पैर दर्शन होंगे आसान !

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महाकालेश्वर मंदिर में भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था लगातार उमड़ रही है। रोजाना एक लाख से अधिक भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। गर्मी के इस दौर में मंदिर परिसर का फर्श और मार्ग इतना तपने लगा था कि नंगे पैर चलना श्रद्धालुओं के लिए मुश्किल हो रहा था। इसे देखते हुए मंदिर समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष “हीट प्रूफ पाथ-वे” तैयार कराया है, जिससे श्रद्धालुओं को गर्म जमीन से राहत मिल सकेगी।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक के निर्देश पर मंदिर परिसर और श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में करीब 13 हजार वर्गफीट क्षेत्र में विशेष पाथ-वे विकसित किया गया है। इस मार्ग पर सोलर रिफ्लेक्टिव पेंट का इस्तेमाल किया गया है, जो धूप की गर्मी को कम अवशोषित करता है और सतह को सामान्य फर्श की तुलना में काफी ठंडा बनाए रखता है।

जानकारी के अनुसार यह विशेष पाथ-वे नीलकंठ क्षेत्र से पंचमुखी हनुमान, मानसरोवर, शंख द्वार और बड़ा गणेश मंदिर तक तैयार किया जा रहा है। यह वही मार्ग है जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोजाना पैदल होकर दर्शन के लिए गुजरते हैं। गर्मियों में इस रास्ते पर चलना कठिन हो जाता था, खासकर दोपहर के समय जब तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है।

मंदिर समिति के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उज्जैन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण मंदिर परिसर का फर्श अत्यधिक गर्म हो रहा था। कई श्रद्धालुओं ने गर्म फर्श से पैरों में जलन की शिकायत भी की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की सलाह पर हीट प्रूफ पाथ-वे की योजना तैयार की गई। इस तकनीक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को नंगे पैर चलने में परेशानी न हो और वे आरामदायक तरीके से दर्शन कर सकें।

मंदिर समिति पहले भी गर्मी से राहत देने के लिए विभिन्न स्थानों पर कार्पेट बिछा चुकी है, लेकिन अत्यधिक तापमान में कार्पेट भी पर्याप्त राहत नहीं दे पा रहे थे। ऐसे में यह नई व्यवस्था अधिक प्रभावी मानी जा रही है। सोलर रिफ्लेक्टिव कोटिंग सूर्य की किरणों को परावर्तित करती है, जिससे सतह कम गर्म होती है और लंबे समय तक ठंडी बनी रहती है।

श्रद्धालुओं ने भी मंदिर समिति की इस पहल की सराहना की है। बाहर से आए कई भक्तों का कहना है कि दोपहर के समय गर्म फर्श पर चलना बेहद कठिन हो जाता था, लेकिन अब नई व्यवस्था से काफी राहत महसूस हो रही है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित होगी।

गर्मी के मौसम में महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के बजाय लगातार बढ़ रही है। सावन से पहले ही बड़ी संख्या में भक्त उज्जैन पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन भी व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। दर्शन मार्गों पर पेयजल, छाया, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में महाकाल महालोक और मंदिर परिसर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के हीट प्रूफ मार्ग विकसित किए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को पूरे परिसर में आरामदायक अनुभव मिल सकेगा।

धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। गर्मी, बारिश या सर्दी—हर मौसम में भक्तों की आस्था बाबा महाकाल के दरबार तक उन्हें खींच लाती है। ऐसे में मंदिर समिति द्वारा की जा रही यह नई पहल श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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