भोपाल। महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल में विभाग द्वारा किए गए कामों का ब्यौरा पेश किया। मंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए यह दो साल महत्वपूर्ण रहे हैं और विभाग ने बाल संरक्षण, पोषण और महिलाओं के लिए सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है।
निर्मला भूरिया ने बताया कि लाडली लक्ष्मी योजना का मॉडल अब अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। जून 2023 से योजना की नियमित किस्त जारी की जा रही है और अब तक 1 करोड़ 26 लाख से अधिक महिलाएं इससे लाभान्वित हुई हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना और बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के तहत 60 हजार से अधिक बालिकाओं को विशेष लाभ दिए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास की आवश्यकता को देखते हुए 284 करोड़ रुपये की लागत से वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल स्थान पर है। गर्भवती महिलाओं को पहली डिलीवरी पर पांच हजार रुपये दिए जाते हैं और अब तक 10 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिला है।
बाल विवाह की रोकथाम को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। जन जागरुकता अभियान के साथ विशेष टीमें बनाकर कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने बताया कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे में एमपी की स्थिति में सुधार हुआ है।
इसके अलावा, नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है और उन्हें सामाजिक एवं कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।