मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कोहेफिजा थाना पुलिस ने पश्चिम बंगाल के एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 500 रुपए के 280 नकली नोट बरामद किए हैं। बरामद नकली नोटों की कुल कीमत करीब 1.40 लाख रुपए बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताता था। उसके पास से एक आईफोन, पेन ड्राइव और यूनाइटेड किंगडम (+44) सीरीज का मोबाइल नंबर भी मिला है। शुरुआती जांच में पुलिस को संदेह है कि आरोपी किसी विशेष संगठन या विचारधारा से जुड़ा हो सकता है। इसी कारण मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को कोर्ट में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास हुई गिरफ्तारी
कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि बुधवार दोपहर पुलिस को सूचना मिली थी कि सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास एक युवक कम कीमत में नकली नोट खपाने के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की और युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सैफुल इस्लाम (27) पिता अनवर-उल इस्लाम निवासी पश्चिम बंगाल बताया।
2024 से कर रहा था नकली नोटों का कारोबार
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह वर्ष 2024 से नकली नोटों के कारोबार में सक्रिय है। वह इससे पहले भी दो बार भोपाल आकर नकली नोट बाजार में चला चुका है।
आरोपी ने बताया कि वह दो लाख रुपए की नकली करेंसी महज 60 हजार रुपए में खरीदकर लाया था। पिछले दस दिनों में वह करीब 60 हजार रुपए के नकली नोट बाजार में खपा चुका है।

300 असली लेकर देता था 500 का नकली नोट
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी भोपाल में लोगों को 300 रुपए असली लेकर बदले में 500 रुपए का नकली नोट देता था। इस तरीके से वह धीरे-धीरे नकली नोट बाजार में फैला रहा था।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि जल्दी पैसा कमाने और बिना मेहनत अमीर बनने की चाहत में उसने यह धंधा शुरू किया।
गुलमोहर कॉलोनी में किराए से रह रहा था
पुलिस के अनुसार आरोपी मई 2025 से भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था। इसी दौरान उसने शादी भी कर ली थी।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या भोपाल में उसका कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।
पाकिस्तान और नेपाल जैसे कागज पर छपे नोट
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जब्त नकली नोट ऐसे कागज पर छपे पाए गए हैं, जिनका उपयोग नेपाल और पाकिस्तान में होने वाले नोटों में मिलता-जुलता माना जा रहा है। इसी कारण अब मामले की जांच अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय एंगल से भी की जा रही है।
विदेशी नंबर और साइबर ठगी से जुड़े सुराग
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन में विदेशी नंबरों पर बातचीत के संकेत मिले हैं। विशेष रूप से यूनाइटेड किंगडम (+44) सीरीज के नंबर का उपयोग जांच एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था। अब पुलिस उसके मोबाइल डेटा, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पुलिस जुटा रही नेटवर्क की जानकारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके अन्य साथियों तथा सप्लाई चैन की जानकारी जुटाने में लगी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली नोट कहां छापे जा रहे थे और किन राज्यों में इनकी सप्लाई हो रही थी।
इंदौर-उज्जैन रोड पर भी मिले संदिग्ध नोट
इसी बीच इंदौर के सांवेर-उज्जैन रोड पर भी पुलिस को तीन संदिग्ध बैगों से करीब 2.83 करोड़ रुपए मूल्य की 500 रुपए की गड्डियां मिली हैं। इन नोटों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर नोट असली जैसे दिखाई दे रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी सत्यता की पुष्टि करने में जुटी हुई है।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने नकली करेंसी और साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।